अरब देशों के गृह मंत्रियों की 43वीं बैठक बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। इस बैठक में सऊदी अरब, कतर, कुवैत और ओमान समेत कई देशों के मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा और ईरान की ओर से होने वाले हमलों पर चर्चा करना था। मंत्रियों ने साफ तौर पर कहा कि खाड़ी देशों की सुरक्षा और उनके तेल ठिकानों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

ईरान के हमलों पर क्या रहा मंत्रियों का रुख?

बैठक में मौजूद मंत्रियों ने ईरान द्वारा नागरिक ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाने की कड़ी आलोचना की। सऊदी अरब के गृह मंत्री Prince Abdulaziz bin Saud bin Naif ने कहा कि इन हमलों का कोई ठोस आधार नहीं है और यह अनुचित हैं। हाल ही में कतर के जल क्षेत्र में एक तेल टैंकर Aqua 1 पर मिसाइल हमला हुआ था, जिसकी जानकारी साझा की गई। परिषद ने स्पष्ट किया कि किसी भी अरब देश की संप्रभुता का उल्लंघन करने वाली कार्रवाइयों को खारिज किया जाता है।

सुरक्षा को लेकर क्या लिए गए बड़े फैसले?

बैठक में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। सभी देशों ने जानकारी और अनुभव साझा करने के लिए एक बेहतर सिस्टम बनाने पर जोर दिया। प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी रणनीति पर भी बात हुई। मंत्रियों ने कहा कि अरब सुरक्षा एक इकाई की तरह है और किसी भी देश पर हमला पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित करता है।

देश/संस्था प्रतिनिधि और मुख्य बिंदु
Saudi Arabia Prince Abdulaziz bin Saud bin Naif ने हमलों की निंदा की
Qatar Sheikh Abdulaziz bin Faisal ने सुरक्षा स्थितियों पर चिंता जताई
Libya Major General Imad Trabelsi ने एकजुटता का समर्थन किया
Oman Sayyid Hamoud bin Faisal Al Busaidi ने शिरकत की
Kuwait सुरक्षा उपायों और राष्ट्रीय सुरक्षा की समीक्षा की
General Secretariat अरब देशों को हर संभव मदद का भरोसा दिया