19 जुलाई 2026 को Arab League ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है। संगठन ने दोनों देशों से अपील की है कि वे तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकें और बातचीत के जरिए मसले सुलझाएं। इस बढ़ते टकराव का सीधा असर इलाके की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है, जिसे देखते हुए संयम बरतने की सलाह दी गई है।
हमलों का सिलसिला और नुकसान
ईरान द्वारा कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, कतर, ओमान और इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र पर किए गए हमलों की Arab League ने कड़ी निंदा की है। ताजा जानकारी के मुताबिक, कुवैत में ईरान के हमले से दूसरा पावर और डिसेलिनेशन प्लांट क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, जॉर्डन में ईरानी हमलों की चपेट में आने से 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है और 13 लोग घायल हुए हैं। अमेरिका और ईरान ने जून में हुए Memorandum of Understanding (MoU) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को फिलहाल रोक दिया है, जिससे युद्ध का खतरा बढ़ गया है।
UN और अंतरराष्ट्रीय कानून
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres ने भी इस स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों को अस्वीकार्य बताया और स्पष्ट किया कि इस विवाद का कोई सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने पर जोर दिया और चेतावनी दी कि इस रास्ते का इस्तेमाल आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
