खाड़ी देशों में जारी तनाव के बीच Arab League ने Iran से तुरंत अपने हमले रोकने की अपील की है। 18 जुलाई 2026 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अरब लीग के महासचिव ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह अपने समर्थित गुटों के जरिए क्षेत्र में अराजकता फैला रहा है और समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे मध्य पूर्व में सैन्य हलचल काफी बढ़ गई है।
क्षेत्र में गहराया तनाव
1 जुलाई 2026 को महासचिव का पद संभालने वाले Nabil Fahmy ने स्पष्ट किया कि किसी भी अरब देश की सुरक्षा पूरे अरब जगत की सुरक्षा है। इससे पहले 8 मार्च 2026 को भी एक प्रस्ताव के जरिए यह तय किया गया था कि किसी एक सदस्य देश पर हुआ हमला सभी पर हमला माना जाएगा। ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए Strait of Hormuz और Bab el-Mandeb जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है।
कुवैत और अन्य देशों में ईरान के हमले
18 जुलाई 2026 को अमेरिका ने लगातार सातवीं रात ईरान के ठिकानों पर हमले किए। इसी दौरान, ईरान के Revolutionary Guards ने दावा किया कि उन्होंने सीरिया, Kuwait, Oman, Bahrain और Jordan में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। कुवैत में इन हमलों से नुकसान और चोटें आने की खबर है, जबकि जॉर्डन और बहरीन ने कई हवाई हमलों को नाकाम कर दिया। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर को भी नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने सभी पक्षों से संयम बरतने को कहा है, लेकिन ईरान का कहना है कि वे केवल अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई कर रहे हैं।
