Arab League के Secretary-General Ahmed Aboul Gheit ने एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि Iran और Israel दोनों ही पूरे इलाके में अपना दबदबा बनाना चाहते हैं। इस वजह से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है और आम लोगों की जिंदगी और तरक्की पर इसका बुरा असर पड़ रहा है।

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Iran और Israel की नीतियों से क्या खतरा है?

Ahmed Aboul Gheit ने Antalya Diplomacy Forum में बताया कि इस क्षेत्र को दो बड़े खतरों का सामना करना पड़ा है। पहला Israel से है जिसने 78 साल पहले Palestine पर कब्जा किया और तब से अपनी सीमाएं बढ़ाने की कोशिश की। दूसरा खतरा Iran से है जो साल 1979 से Arab देशों, खासकर Gulf देशों के अंदरूनी मामलों में दखल दे रहा है।

शांति के लिए क्या जरूरी है और क्या हैं खतरे?

उन्होंने साफ कहा कि Middle East में शांति तभी आएगी जब Palestinian मुद्दे का सही हल निकलेगा। साथ ही, उन्होंने Israel और Iran दोनों की परमाणु क्षमताओं (Nuclear capabilities) को लेकर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन दोनों देशों ने अपना व्यवहार नहीं बदला, तो तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है।

आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

इस तनाव की वजह से पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है। विकास के काम रुक रहे हैं और आम लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। क्षेत्र में चल रहे ‘Zero-sum games’ और आपसी टकराव की वजह से खुशहाली की जगह सिर्फ डर का माहौल बना हुआ है।

मुख्य विवाद और उनके असर की जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

संबंधित देश/मुद्दा मुख्य चिंता असर
Israel Palestine पर कब्जा और विस्तारवाद क्षेत्रीय अस्थिरता
Iran Arab और Gulf देशों में दखलअंदाजी आंतरिक असुरक्षा
परमाणु क्षमता Israel और Iran के हथियार बड़ा सैन्य टकराव संभव
Palestine मुद्दा अधूरा समाधान शांति में सबसे बड़ी बाधा
अर्थव्यवस्था लगातार तनाव विकास और रोजी-रोटी का नुकसान
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com