Arab League ने ईरान को फटकारा, अरब देशों पर हमलों के खिलाफ UN से मांगी सख्त कार्रवाई

ईरान ने कई अरब देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है. मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को Arab League की एक बड़ी मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई, जिसमें ईरान की इन हरकतों को गैरकानूनी और निंदनीय बताया गया. इस मीटिंग में कतर के विदेश मंत्री Sultan Saad Al Muraikhi ने हिस्सा लिया और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की बात कही.

ईरान के हमलों पर Arab League ने क्या कहा?

Arab League के महासचिव Ahmed Aboul Gheit ने कहा कि ईरान ने बिना किसी कारण के अरब देशों पर हमले किए हैं. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान ने UN Security Council के प्रस्ताव 2817 का पालन नहीं किया है और उसे इस नुकसान की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी. मीटिंग में यह भी कहा गया कि अरब खाड़ी और Strait of Hormuz पर ईरान का कंट्रोल का दावा पूरी तरह गलत है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा.

किन देशों पर हुआ हमला और क्या था असर?

ईरान के इन हमलों से कतर, सऊदी अरब, ओमान, कुवैत, यूएई, बहरीन, जॉर्डन और इराक जैसे देश प्रभावित हुए हैं. कतर के Ras Laffan इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित एक जरूरी गैस प्लांट पर हुए हमले की भी कड़ी निंदा की गई. Arab League का यह मानना है कि किसी भी एक अरब देश पर हमला या वहां के आम लोगों को डराना, सभी अरब देशों पर हमला करने जैसा है.

UN और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का क्या नियम है?

Arab League ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. मार्च 2026 में UN Security Council ने प्रस्ताव 2817 पास किया था, जिसे मानना ईरान के लिए जरूरी है. इसके अलावा 25 मार्च 2026 को UN Human Rights Council ने भी इन हमलों के कारण मानवाधिकारों पर पड़ने वाले असर को लेकर एक प्रस्ताव अपनाया था. समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी को अंतरराष्ट्रीय कानून का बुनियादी हिस्सा माना गया है.