अरब लीग ने वेस्ट बैंक में इस्राइल के सेटलमेंट बढ़ाने पर जताई आपत्ति, कहा अंतरराष्ट्रीय कानून का हो रहा उल्लंघन.

अरब लीग के महासचिव नबील फहमी ने इस्राइल की तरफ से वेस्ट बैंक में नए सेटलमेंट प्रोजेक्ट्स यानी बस्तियां बसाने के ऐलान पर कड़ी नाराजगी जताई है। यह मामला 20 अगस्त 2026 को काहिरा में सामने आया, जहां आधिकारिक बयान जारी कर इस कदम की कड़ी निंदा की गई। अरब लीग प्रमुख ने साफ कहा कि इस तरह के फैसलों से हालात और ज्यादा खराब हो रहे हैं और शांति की उम्मीदें टूट रही हैं।
E1 योजना से क्या है खतरा
नबील फहमी ने विशेष रूप से E1 योजना को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि इस योजना के लागू होने से वेस्ट बैंक के टुकड़े हो जाएंगे और पूर्वी येरुशलम अपने आस-पास के फिलिस्तीनी इलाकों से पूरी तरह कट जाएगा। इस तरह की योजनाओं से फिलिस्तीन के लोगों का जीना और मुश्किल हो जाएगा और एक स्वतंत्र देश बनने का सपना कमजोर पड़ेगा।
ताकत के बल पर फैसले लेने का आरोप
जारी किए गए बयान में फहमी ने इस बात पर जोर दिया कि फिलिस्तीन, सीरिया और लेबनान में इस्राइल की तरफ से लगातार जो कार्रवाई हो रही है, वह सिर्फ ताकत के इस्तेमाल को दिखाती है। इस्राइल जबरन जमीनी हकीकत बदल रहा है और दूसरे देशों की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है। बस्तियों को बढ़ाने का मुख्य मकसद एक ऐसा फिलिस्तीनी राज्य बनने से रोकना है जो भौगोलिक रूप से आपस में जुड़ा हुआ हो।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल देने की अपील
अरब लीग के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और दुनिया के दूसरे देशों से अपील की है कि वे तुरंत ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि बस्तियों के विस्तार को रोकने के लिए व्यावहारिक तरीके अपनाए जाने चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। फहमी ने यह भी चेताया कि अगर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इस्राइल इसी तरह अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ताक पर रखकर काम करता रहेगा।