18 जुलाई 2026 को अरब देशों के संगठन Arab League और GCC ने ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। इन हमलों में बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और कतर समेत कई देशों को निशाना बनाया गया, जिसे संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन और युद्ध अपराध करार दिया है। इस स्थिति के चलते पूरे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ गया है।

ℹ️: US-Iran तनाव: रूस और UAE ने की तत्काल युद्धविराम की मांग, ईरान ने अंतरिम समझौते को किया सस्पेंड

हमलों का असर और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने इन हमलों को बेहद खतरनाक बताया है। कुवैत में एक पानी और बिजली संयंत्र पर हमले से आग लग गई और कुछ दमकलकर्मी घायल हुए। Jordan की वायु रक्षा प्रणालियों ने 10 ईरानी मिसाइलों को मार गिराया, जबकि बहरीन में भी खतरे के सायरन बजने की खबरें आई हैं। Arab League के महासचिव Nabil Fahmy ने कहा कि ये हमले क्षेत्र की शांति को खराब करने की कोशिश हैं।

ईरान का रुख और मौजूदा स्थिति

ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा कि वे फिलहाल अपनी सुरक्षा कर रहे हैं। ईरान ने Islamabad Memorandum of Understanding (MoU) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, ईरान के IRGC ने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। दूसरी ओर, CENTCOM ने पिछले 7 दिनों से ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रखी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 27 जून से अब तक अमेरिकी हमलों में 50 लोगों की जान गई है और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.