Arab League ने 21 जुलाई 2026 को यह स्पष्ट कर दिया है कि वह Saudi Arabia की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से साथ खड़ा है। यह फैसला Houthi militia की ओर से बढ़ रही धमकियों के बाद लिया गया है। Kuwait News Agency (KUNA) की रिपोर्ट के अनुसार, अरब लीग के महासचिव Nabil Fahmy ने सऊदी अरब के खिलाफ हो रही इन गतिविधियों की कड़ी निंदा की है।
Houthi militia की चेतावनी और समुद्री तनाव
Houthi militia ने सोमवार 20 जुलाई को सऊदी अरब पर समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया। उनका दावा है कि वे सऊदी निर्यात को Strait of Hormuz से गुजरने से रोकेंगे। हूती नेता Abdullah Al-Naami ने यह भी धमकी दी कि सऊदी अरब का महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर उनके मिसाइल और ड्रोन की रेंज में है। इन धमकियों का असर तुरंत दिखा और कम से कम चार तेल टैंकरों ने अपना रास्ता बदलकर Suez Canal की ओर रुख किया है।
सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का रुख
Saudi Arabia ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों, विशेष रूप से 1982 United Nations Convention on the Law of the Sea के तहत अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे। Gulf Cooperation Council (GCC) के महासचिव Jassim Al-Budaiwi ने भी इन दावों को आधारहीन बताया और सऊदी अरब का समर्थन किया है। इसके अलावा Kuwait, Jordan, Qatar और Muslim World League ने भी एकजुटता दिखाई है। United Nations के प्रवक्ता Stephane Dujarric ने भी स्थिति पर चिंता जताते हुए शांति बनाए रखने और UN Security Council Resolution 2722 (2024) का पालन करने की अपील की है।
