खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच अरब लीग ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अरब लीग के नए सेक्रेटरी-जनरल Nabil Fahmy ने 13 जुलाई 2026 को यह साफ कर दिया है कि अगर किसी भी अरब देश पर हमला होता है, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि अरब देशों की सुरक्षा आपस में जुड़ी है और किसी भी देश की संप्रभुता (sovereignty) पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ईरान के हमलों पर अरब लीग की चेतावनी
Nabil Fahmy ने कतर, ओमान, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और जॉर्डन पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। 12 जुलाई को अरब लीग ने एक बैठक में इन हमलों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तुरंत ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
क्षेत्रीय हालात और सुरक्षा स्थिति
क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। 13 जुलाई को कुवैत की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में घुसने वाले दुश्मन के निशानों को मार गिराया। वहीं बहरीन ने भी ईरान पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है। इन घटनाओं के जवाब में US Central Command ने ईरान की सैन्य संपत्तियों पर तीसरी बार हवाई हमले किए हैं, जबकि UK ने भी IRGC पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
