ईरान और खाड़ी देशों के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, UAE, कतर और जॉर्डन ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) को एक जरूरी पत्र भेजा है। इन देशों ने ईरान की हरकतों और Strait of Hormuz पर उसके नियंत्रण के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
UN में इन 6 देशों ने ईरान के खिलाफ क्या माँगा है?
इन देशों ने UN सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव तैयार किया है जिसमें अमेरिका का भी साथ है। इस प्रस्ताव में ईरान पर कुछ कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। मुख्य रूप से ये मांगें रखी गई हैं:
- जहाजों पर हमला बंद हो: ईरान को जहाजों पर होने वाले हमलों को तुरंत रोकना होगा।
- गैरकानूनी टैक्स बंद हो: Strait of Hormuz में लगाए जा रहे गैरकानूनी टोल को हटाने की मांग की गई है।
- माइन्स की जानकारी: समुद्र में बिछाए गए सभी माइन्स की जगह बतानी होगी ताकि जहाज सुरक्षित निकल सकें।
- मानवीय गलियारा: UN के प्रयासों से एक मानवीय गलियारा बनाने में ईरान को मदद करनी होगी।
क्या ईरान पर सैन्य कार्रवाई हो सकती है?
यह ड्राफ्ट प्रस्ताव UN चार्टर के चैप्टर 7 के तहत बनाया गया है। इसका मतलब है कि अगर ईरान इन शर्तों को नहीं मानता, तो उस पर सैन्य कार्रवाई या कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। बहरीन के नेतृत्व में लाए गए एक प्रस्ताव को अब तक 112 देशों का समर्थन मिल चुका है।
दूसरी तरफ, ईरान के UN राजदूत अमीर-सैद इरावानी ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। रिटायर्ड US जनरल मार्क किमिट का कहना है कि भले ही कुछ बड़े देश इसे वीटो कर दें, लेकिन इस पूरी बहस से ईरान दुनिया में अकेला पड़ जाएगा और उसका अंतरराष्ट्रीय समर्थन कम होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz को लेकर विवाद क्या है?
ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण जता रहा है और वहां गैरकानूनी टोल लगा रहा है, जिसका विरोध 6 अरब देशों और अमेरिका ने किया है।
किन देशों ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोला है?
बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, UAE, कतर और जॉर्डन ने मिलकर UN में ईरान की हरकतों के खिलाफ पत्र भेजा है।
