ईरान के हमलों पर भड़की अरब पार्लियामेंट, दुनिया भर के देशों से कहा कि ईरान की हरकतों की खुल कर निंदा करें
अरब पार्लियामेंट के स्पीकर मोहम्मद बिन अहमद अल यमाही ने दुनिया भर के देशों से ईरान के हमलों की निंदा करने की मांग की है। उन्होंने तुर्की के इस्तांबुल में हुई एक बड़ी मीटिंग में यह बात कही। उनका कहना है कि ईरान जिस तरह अरब देशों की सुरक्षा और समुद्री रास्तों को खतरे में डाल रहा है, उसे रोकना बहुत जरूरी है ताकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान हो सके।
🗞️: Iran Army Update: ईरान ने अमेरिका और इसराइल की साजिश को किया नाकाम, सेना की बहादुरी से टला बड़ा खतरा।
अरब पार्लियामेंट ने दुनिया से क्या मांग की?
मोहम्मद बिन अहमद अल यमाही ने इस्तांबुल में इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) की 152वीं जनरल असेंबली में अपना भाषण दिया। उन्होंने कहा कि सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पार्लियामेंट को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और ईरान द्वारा अरब देशों पर किए गए हमलों की साफ तौर पर निंदा करनी चाहिए।
उन्होंने जोर दिया कि किसी भी देश की आजादी और संप्रभुता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। साथ ही, समुद्री रास्तों की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है क्योंकि इनसे दुनिया का व्यापार चलता है। उनके मुताबिक, जब दुनिया मिलकर आवाज उठाएगी, तभी भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।
UAE और ब्रिटेन के बीच क्या चर्चा हुई?
UAE की फेडरल नेशनल काउंसिल (FNC) के स्पीकर सकर घोष ने इस मीटिंग के दौरान ब्रिटेन के प्रतिनिधि फैबियन हैमिल्टन से मुलाकात की। सकर घोष ने ब्रिटेन द्वारा UAE और GCC देशों को दिए गए समर्थन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने जिस तरह ईरान के हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है, वह सराहनीय है।
दोनों नेताओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा पर खास चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस समुद्री रास्ते से तेल और माल की आवाजाही होती है, जो दुनिया की अर्थव्यवस्था और एनर्जी मार्केट के लिए बहुत जरूरी है। ब्रिटेन ने साफ किया कि वह UAE की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ मजबूती से खड़ा है।
हमलों पर UAE का क्या कहना है?
सकर घोष ने साफ किया कि मिसाइल और ड्रोन हमलों के बावजूद UAE हमेशा शांति और बातचीत के रास्ते पर चलने के लिए तैयार रहता है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
UAE ने यह भी साफ कर दिया कि वह अपनी सुरक्षा करने और अपने नागरिकों की जान बचाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। यह हमला सिर्फ एक देश पर नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर खतरा है।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| तारीख | 18 अप्रैल, 2026 |
| इवेंट | 152वीं IPU जनरल असेंबली |
| जगह | इस्तांबुल, तुर्की |
| मुख्य व्यक्ति | मोहम्मद बिन अहमद अल यमाही, सकर घोष |
| विवाद का कारण | ईरान के हमले और समुद्री रास्तों की असुरक्षा |
| समर्थक देश | ब्रिटेन (UK) |
| प्रमुख मुद्दा | हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा |