इस्तांबुल में हुई एक अहम बैठक के दौरान अरब पार्लियामेंट के राष्ट्रपति मोहम्मद अहमद अल यमाही ने ईरान की हरकतों पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि अरब क्षेत्र इस समय बहुत ही नाजुक और खतरनाक दौर से गुजर रहा है. ईरान द्वारा अरब देशों के बुनियादी ढांचे और आम लोगों पर किए गए हमलों की उन्होंने कड़ी निंदा की है.
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ईरान के हमलों पर क्या बोले अरब पार्लियामेंट के राष्ट्रपति?
मोहम्मद अहमद अल यमाही ने साफ कहा कि ईरान ने कई अरब देशों में बुनियादी सुविधाओं और आम नागरिकों को निशाना बनाया है. उन्होंने इन हमलों को पूरी तरह गलत बताया और कहा कि अब समय आ गया है जब सभी अरब देशों को एक साथ खड़ा होना होगा. उनके मुताबिक, क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक मजबूत और एकजुट स्टैंड लेना बहुत जरूरी है.
यह बयान कहाँ और कब दिया गया?
यह बयान 15 अप्रैल 2026 को इस्तांबुल में दिया गया. वहां इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन की जनरल असेंबली से पहले अरब ग्रुप की एक खास मीटिंग हुई थी. इस मीटिंग में अलग-अलग अरब देशों की काउंसिलों और पार्लियामेंट के प्रमुख शामिल हुए थे. इस पूरी चर्चा का मुख्य मकसद ईरान जैसे खतरों से निपटने के लिए अरब देशों के बीच तालमेल बिठाना था.
