अरब संसद (Arab Parliament) के स्पीकर मोहम्मद बिन अहमद अल यामाही ने कुवैत और बहरीन में नागरिक ठिकानों और जरूरी बुनियादी ढांचे पर हुए ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। 3 जून 2026 को जारी एक बयान में उन्होंने इन हरकतों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया है। अरब संसद ने दोनों देशों के साथ अपनी पूरी एकजुटता जाहिर की है और सुरक्षा के लिए उनके हर कदम का समर्थन किया है।
अरब संसद ने हमलों को लेकर क्या कहा?
अरब संसद के स्पीकर मोहम्मद बिन अहमद अल यामाही ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कुवैत और बहरीन के सिविलियन इलाकों और बुनियादी ढांचे पर हुए ये हमले पूरी तरह से गलत हैं। उन्होंने इस संकट की घड़ी में कुवैत और बहरीन के साथ पूरा समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपनी सुरक्षा और नागरिकों के बचाव के लिए हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार है और अरब संसद इसमें उनके साथ खड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग
अल यामाही ने कुवैत और बहरीन की सेनाओं की मुस्तैदी और बहादुरी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के सुरक्षाबलों ने इन हमलों का मुकाबला करने में बेहतरीन तैयारी दिखाई है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है ताकि क्षेत्र में इस तरह की सुरक्षा चुनौतियों को रोका जा सके और शांति व्यवस्था बनी रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत और बहरीन पर हमलों को लेकर अरब संसद का क्या रुख है?
अरब संसद ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने दोनों देशों की सुरक्षा और संप्रभुता का पूरा समर्थन किया है।
यह बयान किसके द्वारा और कब जारी किया गया?
यह बयान अरब संसद के स्पीकर मोहम्मद बिन अहमद अल यामाही द्वारा बुधवार 3 जून 2026 को जारी किया गया था।
