अरब की खाड़ी (Arabian Gulf) में बढ़ते तनाव के कारण हालात चिंताजनक हो गए हैं, जहां लगभग 20,000 नाविक और 15,000 क्रूज यात्री फंस गए हैं। International Maritime Organization (IMO) के मुताबिक, Strait of Hormuz के आसपास सुरक्षा के खतरे को देखते हुए कई बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाज रोक दिए हैं। 5 मार्च 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 150 कंटेनर जहाज और 450 तेल टैंकर इस क्षेत्र में अटके हुए हैं।

समुद्र में क्यों रोका गया जहाजों का रास्ता?

समुद्री रास्ते में सुरक्षा नहीं होने के कारण MSC, Maersk और Hapag-Lloyd जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी सेवाएं सस्पेंड कर दी हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी के बाद से हुए हमलों में 2 लोगों की मौत हुई है और 7 लोग घायल हुए हैं। इसी वजह से बीमा कंपनियों (Gard और Skuld) ने 5 मार्च से इस रास्ते पर चलने वाले जहाजों का ‘war-risk cover’ खत्म करने का ऐलान किया है। OOCL ने अपने जहाजों को स्ट्रेट से 200 नॉटिकल मील दूर रहने को कहा है।

यात्रियों और कार्गो के लिए क्या है नया आदेश?

  • राहत फ्लाइट्स: फंसे हुए यात्रियों को निकालने के लिए Qatar Airways और Abu Dhabi ने 5 मार्च से कुछ विशेष राहत फ्लाइट्स शुरू करने की घोषणा की है।
  • कार्गो पर असर: MSC ने ऐलान किया है कि गल्फ के लिए भेजा गया सामान अब Salalah या Jeddah जैसे सुरक्षित बंदरगाहों पर उतारा जाएगा।
  • एक्स्ट्रा खर्चा: जहाजों का रास्ता बदलने के कारण MSC ने प्रति कंटेनर 800 डॉलर और Hapag-Lloyd ने 1500 डॉलर का अतिरिक्त चार्ज (Surcharge) लगाया है।
  • खतरा: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के कारण यह रास्ता फिलहाल आम जहाजों के लिए सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.