सऊदी अरब में हज यात्रा के सबसे पवित्र दिन यानी अराफात के दिन ईरानी तीर्थयात्रियों ने एक खास धार्मिक और राजनीतिक रस्म ‘बरात मिन अल-मुशरिकिन’ (Disavowal of Polytheists) की शुरुआत की है। 26 मई 2026 को सुबह सवेरे अराफात के मैदान में भारी संख्या में ईरानी हाजी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इकट्ठा हुए। इस मौके पर ईरान के नेताओं के संदेश पढ़े गए और साथ ही ईरान की तरफ से कई अहम रणनीतिक बयान भी सामने आए हैं।

क्या है ‘बरात मिन अल-मुशरिकिन’ रस्म और क्यों है इसका महत्व?

यह रस्म हज यात्रा के दौरान निभाई जाने वाली एक वार्षिक धार्मिक और राजनीतिक परंपरा है। इसका मुख्य अर्थ अल्लाह और उसके रसूल के दुश्मनों और बुराइयों के खिलाफ अपनी नापसंदगी जाहिर करना है। ईरान के पहले सर्वोच्च नेता रूहुल्लाह खुमैनी ने इस परंपरा को दोबारा शुरू किया था। वर्तमान नेता अली खामेनेई हर साल हज यात्रियों के लिए इस पर विशेष संदेश जारी करते हैं। इस रस्म के जरिए मुस्लिम समाज में एकता और बुराइयों के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लिया जाता है।

इस बार के कार्यक्रम में कौन से बड़े मुद्दे छाए रहे?

इस बार 25 और 26 मई 2026 को हुए विचार-विमर्श में कई देशों के धार्मिक और राजनीतिक विचारकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान लेबनान के हिजबुल्लाह, इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज और हमास के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। इस चर्चा में हज के महत्व और क्षेत्र में चल रहे संघर्षों के खिलाफ एकजुट होने की बात कही गई।

ईरान के सुरक्षा सचिव मोहम्मद बगेर जोलगाद्र का बड़ा बयान

अराफात के दिन के मौके पर ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohammad Bagher Zolghadr ने देश की परमाणु नीति, सैन्य स्थिति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। इसे हज के इस बेहद खास मौके के साथ जोड़कर देखा जा रहा है ताकि इस संदेश का असर पूरी दुनिया तक पहुंचे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अराफात के मैदान में यह रस्म कब आयोजित की गई?

यह रस्म मंगलवार, 26 मई 2026 को अराफात के मैदान में ईरानी तीर्थयात्रियों द्वारा पूरे जोश के साथ आयोजित की गई।

बरात मिन अल-मुशरिकिन रस्म का क्या महत्व है?

यह रस्म अल्लाह और उसके रसूल के दुश्मनों के खिलाफ नापसंदगी जाहिर करने और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का एक प्रतीक है, जिसे ईरानी हाजी हर साल दोहराते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.