ईरान में चल रहे युद्ध की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। इस संकट से निपटने के लिए Southeast Asian देशों के नेताओं ने फिलीपींस के Cebu में एक बड़ी बैठक की। यहाँ ASEAN देशों ने मिलकर एक नया प्लान बनाया है ताकि उनके देशों की अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके।

ASEAN का नया इमरजेंसी प्लान क्या है?

नेताओं ने मिलकर कुछ ऐसे कदम उठाए हैं जिससे भविष्य में तेल की कमी न हो। इस योजना में मुख्य रूप से इन बातों पर जोर दिया गया है:

  • एक साझा फ्यूल रिजर्व (Fuel Reserve) बनाना।
  • कच्चे तेल के लिए नए और अलग देशों की तलाश करना।
  • पूरे क्षेत्र के लिए एक पावर ग्रिड तैयार करना।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी को बढ़ावा देना।

सरकारें इस साल के अंत तक आपातकालीन फ्यूल शेयरिंग समझौते को लागू करने की कोशिश करेंगी।

नेताओं ने महंगाई और संकट पर क्या कहा?

फिलीपींस के राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. ने कहा कि बाहरी झटकों से बचने के लिए आपसी तालमेल और ठोस कार्रवाई बहुत जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्ध अभी रुक भी गया, तो आर्थिक असर कई सालों तक रह सकता है। वहीं इंडोनेशिया के राष्ट्रपति Prabowo Subianto ने सभी सदस्य देशों से लंबी अवधि की परेशानियों के लिए तैयार रहने और अपनी ताकत बढ़ाने की अपील की।

मिडिल ईस्ट में फंसे लोगों और तेल रास्तों का क्या होगा?

ASEAN के 11 सदस्य देश अब एक-दूसरे के साथ जानकारी साझा करेंगे ताकि मिडिल ईस्ट में रहने वाले उनके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। फरवरी के अंत से अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद वहां कई लोग हताहत हुए हैं। इसके अलावा, ये देश अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की वकालत करेंगे। उनका मुख्य लक्ष्य Strait of Hormuz को फिर से खोलना है, जो पिछले 70 दिनों से बंद पड़ा है और जिससे तेल की सप्लाई बाधित हो रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ASEAN देशों ने तेल संकट से बचने के लिए क्या कदम उठाए हैं?

इन देशों ने एक साझा फ्यूल रिजर्व बनाने, कच्चे तेल के स्रोतों को बदलने और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने का फैसला किया है ताकि बाहरी युद्धों का असर कम हो।

मिडिल ईस्ट में रहने वाले नागरिकों के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?

ASEAN के 11 देश आपसी तालमेल बढ़ाएंगे और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर वहां फंसे अपने लोगों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करेंगे।