Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। ASEAN देशों के विदेश मंत्रियों ने मांग की है कि इस समुद्री रास्ते को फिर से सुरक्षित बनाया जाए। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की घोषणा के बावजूद जहाजों को निकलने में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा है।

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Strait of Hormuz में क्या समस्या हो रही है?

7 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्ध विराम तय हुआ था। उम्मीद थी कि इससे Strait of Hormuz खुल जाएगा, लेकिन ईरान ने जहाजों को रोकना शुरू कर दिया। ईरान का कहना है कि बिना परमिट के जहाज नहीं निकल सकेंगे और ऐसा करने वालों को निशाना बनाया जा सकता है। इसी तनाव को देखते हुए ASEAN देशों ने 13 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय कानून UNCLOS के तहत रास्ता खोलने की अपील की है।

विभिन्न देशों और संगठनों का रुख क्या है?

संस्था/देश मुख्य बयान
सऊदी अरब विदेश मंत्रालय ने मांग की कि Strait of Hormuz को तुरंत खोला जाए।
सिंगापुर कहा कि रास्ता मिलना अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं और UNCLOS नियमों का पालन जरूरी है।
IRGC (ईरान) युद्ध विराम के दौरान ट्रांजिट का प्रबंधन करेंगे और बाद में ओमान के साथ मिलकर फीस लेंगे।
UN Security Council खाड़ी देशों द्वारा सुरक्षा के लिए लाए गए प्रस्ताव को चीन और रूस ने वीटो कर खारिज कर दिया।
IMO शिप ऑपरेटरों को व्यापार शुरू करने से पहले जोखिम का आकलन करने की सलाह दी है।

आगे क्या बदलाव आ सकते हैं?

सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने कहा कि वह सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं करेंगे क्योंकि इससे कानूनी सिद्धांत कमजोर होंगे। दूसरी ओर, IRGC ने एक नया ट्रैफिक सिस्टम बनाने का प्रस्ताव दिया है जिसमें जहाजों को उनकी नेवी के साथ तालमेल बिठाना होगा। फिलहाल शिपिंग कंपनियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और पूरी तरह से सामान्य स्थिति लौटने का इंतजार कर रही हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.