अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) ने दोनों देशों से अपील की है कि वे अपनी लड़ाई को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए बातचीत जारी रखें। ASEAN चाहता है कि दोनों पक्ष युद्धविराम का पूरी तरह पालन करें ताकि दुनिया में शांति बनी रहे और व्यापार प्रभावित न हो।

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ASEAN ने आखिर क्या मांग की है?

ASEAN के विदेश मंत्रियों ने सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को एक वर्चुअल मीटिंग की। इस बैठक में उन्होंने अमेरिका और ईरान से मांग की कि वे आपसी विवाद सुलझाने के लिए फिर से मेज पर आएं। उन्होंने खास तौर पर Strait of Hormuz में जहाजों और विमानों के सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आने-जाने की अपील की है, क्योंकि यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत जरूरी है।

बातचीत क्यों नाकाम हुई और अब क्या स्थिति है?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई बातचीत 12 अप्रैल 2026 को नाकाम हो गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance के मुताबिक, यह बातचीत इसलिए टूटी क्योंकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था। वहीं, ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर कालिबाफ ने इस विफलता के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। इस तनाव के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की नाकाबंदी करने का ऐलान कर दिया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

इस विवाद में किन देशों की क्या भूमिका है?

संस्था/देश भूमिका और स्थिति
ASEAN शांति की अपील की और सुरक्षित व्यापारिक रास्ते की मांग की
USA ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अड़ा और नाकाबंदी का ऐलान किया
Iran अमेरिका पर बातचीत विफल करने का आरोप लगाया
Pakistan दोनों देशों के बीच बातचीत कराने और युद्धविराम बचाने की कोशिश की
Israel शुरुआती हमलों में शामिल था, जिसके बाद तनाव बढ़ा
Philippines 2026 के लिए ASEAN की अध्यक्षता कर रहा है
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com