सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक के उछाल के कारण जापान का Nikkei और दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स लगभग 7 प्रतिशत तक गिर गया। भारतीय शेयर बाजार में भी इस ग्लोबल असर के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

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शेयर बाजार और कच्चे तेल का हाल

कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बहुत बड़ी तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 25 प्रतिशत उछलकर 116.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 20.23 प्रतिशत बढ़कर 109.29 डॉलर हो गया। इसके पीछे का मुख्य कारण ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना है। दुनिया का 20 प्रतिशत तेल इसी समुद्री रास्ते से आता है।

इस तनाव का सीधा असर शेयर बाजारों पर पड़ा है:

  • जापान का Nikkei: 7 प्रतिशत गिरकर 52,010 के स्तर पर आ गया।
  • दक्षिण कोरिया का KOSPI: 7.43 प्रतिशत गिरकर 5,169 पर पहुंच गया।
  • भारत का शेयर बाजार: सेंसेक्स 1,862.15 अंक और निफ्टी 582.40 अंक टूटकर खुला।
  • ताइवान, हांगकांग और सिंगापुर के बाजारों में भी 2 से 5 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।

भारत और गल्फ प्रवासियों पर असर

अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने भारत को फंसा हुआ रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए कुछ समय की छूट दी है ताकि भारत में तेल की सप्लाई में कोई कमी न आए। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध लंबा चला तो कच्चा तेल 150 डॉलर तक जा सकता है।

तेल के दाम बढ़ने से दुनियाभर में महंगाई बढ़ सकती है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा क्योंकि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से हर चीज महंगी हो जाती है। सेंट्रल बैंक भी ब्याज दरों को लंबे समय तक बढ़ा कर रख सकते हैं, जिससे लोन महंगे हो जाएंगे। गल्फ देशों में रहने वाले और वहां काम करने वाले भारतीयों पर भी इसका असर दिख सकता है क्योंकि कुवैत, ईरान और UAE ने तेल उत्पादन में कटौती की है।

आगे की स्थिति पर नजर

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर से हालात और बिगड़ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तेल की कीमतों को कम करने के लिए जल्द कदम उठाने की बात कही है और अमेरिकी नौसेना तेल के जहाजों को सुरक्षा दे सकती है।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे मायुंग ने भी साफ किया है कि उनकी सरकार बाजार को स्थिर करने के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com