असम में अवैध घुसपैठ के खिलाफ राज्य सरकार ने अपनी कार्रवाई को बहुत तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि सुरक्षा बलों ने एक और बांग्लादेशी नागरिक को पकड़कर वापस बांग्लादेश भेज दिया है। असम सरकार राज्य में अपनी ‘डिटेक्ट और डिपोर्ट’ यानी खोजो और बाहर निकालो नीति को पूरी ताकत से लागू कर रही है ताकि अवैध प्रवासियों को तुरंत सीमा पार भेजा जा सके।

🗞️: US-Iran युद्ध रोकने के लिए तेहरान जाने वाले थे पाकिस्तानी सेना प्रमुख, अचानक टला दौरा, ट्रंप ने दी है बड़ी चेतावनी.

असम की ‘डिटेक्ट और डिपोर्ट’ नीति और नए नियम क्या हैं?

असम सरकार ने 10 सितंबर 2025 को एक नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) मंजूर किया था। इस नए नियम के तहत डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर (DC) और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) को सीधे तौर पर अधिकार दिए गए हैं कि वे अवैध प्रवासियों की पहचान करें और उन्हें 10 दिनों के भीतर बाहर निकालें। इस नियम के तहत कुछ मामलों में फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल जाने की भी जरूरत नहीं पड़ती है।

नए नियमों के अनुसार प्रक्रिया कुछ इस प्रकार काम करती है:

  • अगर कोई घुसपैठिया सीमा पार करने के 12 घंटे के भीतर पकड़ा जाता है, तो उसे बिना किसी नोटिस के तुरंत वापस भेज दिया जाता है।
  • दूसरे संदिग्ध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता का सबूत देने के लिए 10 दिनों का नोटिस मिलता है।
  • सबूत न देने पर निष्कासन आदेश जारी होता है और उन्हें 24 घंटे के भीतर बाहर जाना पड़ता है।
  • नियम का पालन न करने पर व्यक्ति को होल्डिंग सेंटर में रखा जाता है या बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को सौंप दिया जाता है।

हाल ही में हुई बड़ी डिपोर्टेशन कार्रवाइयां

असम सरकार अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के लिए लगातार सक्रिय है। हाल के महीनों में कई बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा गया है:

  • 22 मई 2026 को ताजा मामले में एक बांग्लादेशी नागरिक को बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश को सौंपा गया।
  • 26 अप्रैल 2026 को 20 अवैध घुसपैठियों को वापस भेजा गया था।
  • 13 मार्च 2026 को 12 अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट किया गया था।

1 जनवरी 2026 से प्रभावी नए नियम के तहत, ट्रिब्यूनल द्वारा अवैध घोषित किए गए लोगों को अंतिम आदेश के एक सप्ताह के भीतर डिपोर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि असम की जनसांख्यिकी को बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी तरह, पश्चिम बंगाल में भी ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ फ्रेमवर्क अपनाने की बात कही गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

असम में अवैध घुसपैठियों को हटाने के लिए किस कानून का इस्तेमाल हो रहा है?

असम सरकार ‘इमिग्रेंट्स (एक्सपल्शन फ्रॉम असम) एक्ट 1950’ का उपयोग कर रही है। सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद इस कानून के तहत तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

नया नियम न मानने वाले अवैध प्रवासियों के साथ क्या किया जाता है?

अगर कोई व्यक्ति तय समय में देश छोड़ने के आदेश का पालन नहीं करता, तो उसे होल्डिंग सेंटर में रखा जाता है या वापस भेजने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले कर दिया जाता है।