असम के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई है। राज्य से पहली बार कानूनी तौर पर अगरवुड (Agarwood) चिप्स को सऊदी अरब और UAE भेजा गया है। यह खेप गुवाहाटी एयरपोर्ट से रवाना हुई और इससे असम के लिए 50,000 करोड़ रुपये के बड़े बाजार के रास्ते खुल गए हैं।
कितनी मात्रा में और कहाँ भेजा गया अगरवुड
बुधवार, 13 मई 2026 को लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल से यह शिपमेंट भेजा गया। इस खेप की कुल कीमत 2.35 करोड़ रुपये है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सऊदी अरब को भेजा गया | 100 किलो |
| UAE को भेजा गया | 12 किलो |
| कुल खेप की कीमत | 2.35 करोड़ रुपये |
| संभावित बाजार मूल्य | 50,000 करोड़ रुपये |
एक्सपोर्ट के लिए क्या नियम और पॉलिसी लागू हुई
इस निर्यात को मुमकिन बनाने के लिए असम सरकार ने 2020 में ‘Assam Agarwood Promotion Policy’ लागू की थी। इस पॉलिसी का मकसद अगरवुड की खेती को कानूनी बनाना और उसे बढ़ावा देना है। अब अगर के पेड़ों को काटने के लिए अलग से अनुमति की जरूरत नहीं होगी और इसे वन उपज नहीं माना जाएगा।
- निर्यात के लिए CITES परमिट लेना अनिवार्य था।
- DGFT से प्रतिबंधित निर्यात लाइसेंस प्राप्त किया गया।
- भारत सरकार की EXIM पॉलिसी के नियमों का पालन किया गया।
किन्होंने निभाई इस मिशन में अहम भूमिका
MJI ग्रुप के संस्थापक और ऑल असम अगरवुड प्लांटर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. जेहिरुल इस्लाम ने इसे एक ऐतिहासिक सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कई सालों की रिसर्च, किसानों की मेहनत और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन के बाद मिली है। उन्होंने इस काम में मदद के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भारत सरकार का आभार जताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
असम से कितना अगरवुड सऊदी और UAE भेजा गया
असम से कुल 112 किलो अगरवुड चिप्स भेजे गए, जिसमें 100 किलो सऊदी अरब और 12 किलो UAE के लिए था।
इस व्यापार से असम को क्या आर्थिक फायदा होगा
इस निर्यात से असम में लगभग 50,000 करोड़ रुपये के उद्योग की संभावना खुली है, जिससे स्थानीय किसानों और राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
