असम में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 23 जुलाई 2026 तक मिली जानकारी के मुताबिक, बाढ़ और बारिश की घटनाओं में अब तक कम से कम 47 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के करीब 10 से 25 जिलों में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
हालात गंभीर और राहत कार्य जारी
असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने स्थिति को पिछले 60 सालों में सबसे भयानक बताया है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य नागालैंड में बादल फटने और स्थानीय स्तर पर सामान्य से 436% अधिक बारिश होने की वजह से बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। Sivasagar जिला इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां करीब 4 लाख लोग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और 24,800 हेक्टेयर से अधिक फसल पानी में डूब चुकी है।
प्रशासन की ओर से मदद का भरोसा
राहत और बचाव के लिए Indian Army, Air Force, NDRF और SDRF की टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। वर्तमान में 487 राहत शिविरों में 24,000 से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने केंद्र की ओर से पूरी मदद का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राज्य में और अधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
