असम के जोरहाट में हुए विमान हादसे में शहीद हुए बिहार के दो वीर सपूतों, अग्निवीर दानिश आलम और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर रविवार को बिहटा एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा. अपने बेटों को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में लोग तिरंगा लेकर जुटे. पूरे इलाके में गम और गर्व का माहौल रहा और लोग भारत माता की जय के नारों से आसमान गुंजा रहे थे.

सैन्य सम्मान के साथ दी गई विदाई

पार्थिव शरीर के बिहटा पहुंचने के बाद एयरफोर्स स्टेशन परिसर में भारतीय वायुसेना की ओर से दोनों शहीदों को सैन्य सम्मान दिया गया. वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम सलाम किया. सुबह से ही स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी भीड़ जमा थी, जो अपने वीर जवानों को आखिरी बार देखना चाहते थे.

जोरहाट एयरबेस पर हुआ था हादसा

भारतीय वायुसेना (IAF) का एक एएन-32 परिवहन विमान 13 जून, 2026, शनिवार को असम के जोरहाट एयरबेस पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. यह हादसा सुबह लगभग 10 बजे रोवरिया एयर फोर्स स्टेशन पर हुआ. इस दुखद घटना में वायुसेना के पांच सैन्यकर्मी शहीद हो गए, जिनमें स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल थे. विमान के सह-पायलट इस हादसे में बच गए और उनका इलाज चल रहा है.

परिजनों से आखिरी बार बात कर चुके थे जवान

शहीद अग्निवीर दानिश आलम भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड के कमरियांव गांव के रहने वाले थे. वह अक्टूबर 2025 में वायु अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे और यह उनकी पहली पोस्टिंग थी. हादसे से करीब दो घंटे पहले उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए अपने परिवार से बात की थी. वहीं, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड के बनवरिया गांव के निवासी थे और 2021 में वायुसेना में शामिल हुए थे. उन्होंने हादसे वाले दिन सुबह 9 बजे अपनी मां से बात की थी.

जांच के आदेश और आधिकारिक बयान

भारतीय वायुसेना ने इस नुकसान पर गहरा दुख जताया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया जा रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है. वायुसेना ने जनता और मीडिया से अनुरोध किया है कि जब तक प्रारंभिक जांच के परिणाम नहीं आते, तब तक किसी भी तरह की अटकलों से बचा जाए.

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद दानिश आलम के पार्थिव शरीर को भोजपुर और शुभम कुमार के पार्थिव शरीर को जहानाबाद के लिए रवाना कर दिया गया है. रास्ते भर लोग हाथों में फूल और तिरंगा लेकर अपने शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं.