ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते, Strait of Hormuz को खुला रखने का समर्थन किया है। ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री Richard Marles ने साफ किया कि वे फ्रांस और यूके के साथ मिलकर इस क्षेत्र में स्थिरता लाने की कोशिश कर रहे हैं। यह फैसला दुनिया भर में तेल की सप्लाई को सामान्य करने और ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।

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ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका के ब्लॉकेड प्लान से दूरी क्यों बनाई?

प्रधानमंत्री Anthony Albanese और रक्षा उद्योग मंत्री Pat Conroy ने स्पष्ट कर दिया कि ऑस्ट्रेलिया अमेरिकी नौसेना के ब्लॉकेड (blockade) अभियान में शामिल नहीं होगा। ऑस्ट्रेलिया का मानना है कि समुद्री रास्तों पर सभी देशों को आने-जाने की पूरी आजादी होनी चाहिए। सरकार ने यह भी बताया कि अमेरिका की तरफ से उन्हें इस अभियान में शामिल होने का कोई अनुरोध नहीं मिला है और ऑस्ट्रेलिया ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस जंग का हिस्सा नहीं है।

फ्रांस और यूके के साथ मिलकर क्या योजना है?

ऑस्ट्रेलिया इस हफ्ते फ्रांस और यूके द्वारा पेरिस में आयोजित एक इमरजेंसी मीटिंग में हिस्सा लेगा। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय टीम बनाने की बात कही है जो केवल बचाव का काम करेगी और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने भी कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य तेल की कीमतों को कम करना है और वे अमेरिकी नाकाबंदी का समर्थन नहीं कर रहे हैं।

तेल की सप्लाई और आम लोगों पर क्या असर पड़ा है?

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की वजह से Strait of Hormuz में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही 10% कम हो गई है। इससे पूरी दुनिया में ईंधन की सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही रास्ता फिर से खुल जाए, लेकिन आने वाले समय में तेल की कीमतें काफी बढ़ी रह सकती हैं, जिससे आम जनता की जेब पर असर पड़ेगा।

देश/संस्था मुख्य स्टैंड/भूमिका
ऑस्ट्रेलिया रास्ता खुला रखने का समर्थन, अमेरिकी नाकाबंदी का विरोध
अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी लागू की
फ्रांस और यूके सुरक्षित नौवहन के लिए रक्षात्मक मिशन की तैयारी
ईरान फरवरी से Strait of Hormuz में प्रवेश पर पाबंदी लगाई
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.