ऑस्ट्रेलिया ने इस्राइली राजदूत को किया तलब, एयरस्ट्राइक में मारे गए सहायता कर्मियों के मामले पर जताया कड़ा विरोध

Aanya20 August 20263 min read66 viewsWorld
ऑस्ट्रेलिया ने इस्राइली राजदूत को किया तलब, एयरस्ट्राइक में मारे गए सहायता कर्मियों के मामले पर जताया कड़ा विरोध

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने 20 अगस्त 2026 को कैनबरा में इस्राइल के राजदूत Hillel Newman को औपचारिक रूप से तलब किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इस्राइल के उस फैसले पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराना था, जिसमें उसने साल 2024 में ऑस्ट्रेलियाई सहायता कर्मी Zomi Frankcom और उनके छह साथियों की मौत के मामले में आपराधिक कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया था। यह दुखद घटना 1 अप्रैल 2024 को गाजा पट्टी में इस्राइली हवाई हमले के दौरान हुई थी, जिसमें World Central Kitchen (WCK) के सात कर्मचारी मारे गए थे।

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने जताई नाराजगी

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong ने इस मामले में देश की कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बिना किसी आपराधिक आरोपों के जांच बंद करने का यह फैसला उस जवाबदेही से बहुत दूर है जिसकी उम्मीद की जा रही थी। विदेश मंत्री ने बताया कि सरकार को इस फैसले की जानकारी 19 अगस्त की देर रात मिली थी। उन्होंने इस बात को बेहद अपमानजनक बताया क्योंकि यह घोषणा ठीक World Humanitarian Day के दिन की गई थी। विदेश मंत्री के अनुसार, इस्राइली जांच इस बात का संतोषजनक जवाब देने में पूरी तरह विफल रही कि आखिर उन कमांडरों को स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद भी एक सुरक्षित मानवीय काफिले पर लगातार हमले क्यों किए गए, जिन्हें पहले ही बता दिया गया था कि वह काफिला किस रास्ते पर है। इस पूरी आधिकारिक जानकारी के लिए आप Foreign Minister of Australia की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान को देख सकते हैं।

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इस्राइली सेना का पक्ष और राजदूत का बचाव

दूसरी तरफ, इस्राइली रक्षा बलों यानी IDF की आंतरिक जांच में गंभीर चूकों, पहचान में हुई गलतियों और फैसले लेने में हुई प्रशासनिक गड़बड़ियों को तो स्वीकार किया गया, लेकिन अंत में यह नतीजा निकाला गया कि इन कामों में किसी भी तरह का कोई आपराधिक इरादा शामिल नहीं था। IDF ने अपने बचाव में कहा कि कुछ संदेहास्पद संकेतों और ऑपरेशन से जुड़ी तमाम परिस्थितियों की वजह से इस मामले में कोई भी आपराधिक मुकदमा चलाना सही नहीं बनता है। इस्राइली राजदूत Hillel Newman ने भी इस पूरी जांच प्रक्रिया का बचाव किया और कहा कि यह फैसला दो साल तक चली लंबी जांच के आधार पर लिया गया है और हर मौत अपने आप में कोई आपराधिक अपराध नहीं होती है।

अन्य देशों के नागरिकों की भी हुई थी मौत

इस खतरनाक हमले में सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई नागरिक Zomi Frankcom की ही जान नहीं गई, बल्कि इसके अलावा तीन ब्रिटिश नागरिक, एक अमेरिकी-कहानिया नागरिक, एक पोलैंड का नागरिक और एक फिलिस्तीनी कर्मचारी भी मारा गया था। इस दर्दनाक हादसे के बाद World Central Kitchen के संस्थापक शेफ José Andrés ने इस फैसले को पूरी तरह गलत और बेहद पीड़ादायक बताया है। ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि उसका इस्राइली जांच पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है और वह लगातार यह मांग कर रहा है कि इस हमले के दौरान का ड्रोन फुटेज सार्वजनिक किया जाए। विदेश मंत्री Penny Wong ने यह माना कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रूप से अभी एक मुश्किल दौर चल रहा है, लेकिन उन्होंने राजदूत को देश से बाहर निकालने की मांगों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि ऐसा कदम उठाने से पीड़ितों के लिए न्याय की मांग को लेकर जरूरी बातचीत का रास्ता बंद हो जाएगा।

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