Australia की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी में लगी भीषण आग, पेट्रोल की सप्लाई पर असर, सरकार ने लोगों से घबराने को कहा मना

ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के Geelong में स्थित Viva Energy तेल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई. यह ऑस्ट्रेलिया की दो रिफाइनरियों में से सबसे बड़ी रिफाइनरी है. यह हादसा ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका और इसराइल के ईरान के साथ युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में ईंधन की सप्लाई पर पहले से ही असर पड़ रहा है. इस घटना से देश की ईंधन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

आग कैसे लगी और कितना नुकसान हुआ?

यह आग बुधवार, 15 अप्रैल 2026 की देर रात को शुरू हुई और लगभग 13 घंटे तक जलती रही. गुरुवार, 16 अप्रैल की दोपहर तक इसे पूरी तरह बुझा लिया गया. Fire Rescue Victoria के मुताबिक, मैकेनिकल उपकरण में खराबी आने से गैस लीक हुई, जिससे धमाके हुए और 60 मीटर ऊंची लपटें उठीं. अधिकारियों ने साफ किया है कि यह एक हादसा था और इसमें किसी भी तरह की साजिश के सबूत नहीं मिले हैं. सभी कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया था और किसी के घायल होने की खबर नहीं है.

पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पर क्या असर पड़ेगा?

Energy Minister Chris Bowen ने इस घटना को एक बड़ा झटका बताया है. उन्होंने कहा कि इस आग का सबसे ज़्यादा असर पेट्रोल के उत्पादन पर पड़ा है, जबकि डीजल और जेट फ्यूल का काम फिलहाल कम क्षमता पर चल रहा है. सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे पेट्रोल की जमाखोरी न करें और सिर्फ उतनी ही ईंधन खरीदें जितनी उन्हें ज़रूरत है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कम समय के लिए पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है.

रिफाइनरी की अहमियत और सरकार का कदम

Geelong रिफाइनरी ऑस्ट्रेलिया की कुल ईंधन ज़रूरत का 10% और विक्टोरिया राज्य की 50% सप्लाई करती है. Viva Energy के CEO Scott Wyatt ने कहा है कि वे सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं और कमी को पूरा करने के लिए बाहर के देशों से तेल आयात करेंगे. प्रधानमंत्री Anthony Albanese इस स्थिति की जानकारी लेने के लिए अपनी विदेश यात्रा बीच में छोड़कर वापस लौट रहे हैं. रिफाइनरी के आसपास रहने वाले लोगों को हवा की गुणवत्ता को लेकर चेतावनी जारी की गई है.

विवरण जानकारी
रिफाइनरी का नाम Viva Energy (Geelong Oil Refinery)
हादसे की तारीख 15 अप्रैल 2026 (देर रात)
आग बुझने का समय 16 अप्रैल 2026 (दोपहर)
मुख्य कारण उपकरण की खराबी और गैस लीक
सबसे ज़्यादा प्रभावित पेट्रोल उत्पादन
कुल सप्लाई क्षमता 1.20 लाख बैरल प्रतिदिन