थाईलैंड के पटाया शहर में एक सूटकेस के अंदर 17 साल की लड़की की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। इस मामले में पुलिस ने बैंकॉक एयरपोर्ट से एक 46 साल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी शख्स तब पकड़ा गया जब वह हवाई जहाज़ से अपने देश ऑस्ट्रेलिया भागने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी की पहचान Simon Peter Carman के रूप में की है, जो ऑस्ट्रेलिया के Ballarat का रहने वाला है। मृतका की पहचान 17 साल की Tunchanok Donhomla के रूप में हुई है। Simon को Suvarnabhumi International Airport पर तब पकड़ा गया जब वह Perth के लिए Jetstar फ्लाइट बोर्ड करने की तैयारी में था।
CCTV फुटेज से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को CCTV फुटेज मिले, जिसमें देखा गया कि 25 जून की सुबह Simon और वह लड़की पटाया के एक कॉन्डोमिनियम में दाखिल हुए थे। इसके कुछ घंटों बाद फुटेज में Simon को अकेला एक बड़ा काला सूटकेस खींचते हुए बाहर निकलते देखा गया। वह इस सूटकेस को मोटरसाइकिल के ज़रिए रेलवे ट्रैक के पास ले गया। पुलिस को यह सूटकेस फ्लोटिंग मार्केट के पीछे रेलवे लाइन के पास मिला, जिसमें लड़की की लाश थी।
पुलिस की जांच और सबूत
पटाया सिटी पुलिस स्टेशन के Police Colonel Anek Sarathongyu ने बताया कि आरोपी के शरीर पर खरोंच के निशान मिले हैं, जो हाथापाई की ओर इशारा करते हैं। साथ ही कॉन्डोमिनियम के कमरे में भी संघर्ष के सबूत मिले हैं। लड़की के चेहरे पर भारी सूजन और चोट के निशान थे, जिससे पता चलता है कि उसके साथ हिंसक व्यवहार किया गया था।
Simon पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- हत्या का आरोप
- लाश को ठिकाने लगाने या छिपाने का आरोप
- नाबालिग का अपहरण करने का आरोप
थाईलैंड के कानून के मुताबिक हत्या के मामले में मौत की सजा या उम्रकैद तक का प्रावधान है।
आरोपी का दावा
शुरुआत में Simon ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया था। लेकिन बाद में उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए दावा किया कि यह आत्मरक्षा में किया गया काम था। उसने पुलिस को बताया कि पैसों को लेकर बहस के दौरान लड़की ने उस पर चाकू तान दिया था, जिसके बाद उसने उसका गला दबा दिया।
हालांकि, पुलिस ने उसके इस दावे को खारिज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह आत्मरक्षा थी, तो उसने लाश को सूटकेस में छिपाने और देश छोड़कर भागने की कोशिश क्यों की।
ऑस्ट्रेलिया के Department of Foreign Affairs and Trade (DFAT) ने पुष्टि की है कि वे हिरासत में लिए गए नागरिक को काउंसलर सहायता दे रहे हैं। फिलहाल पटाया की अदालत ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है।
