ऑस्ट्रिया ने अमेरिका के उस अनुरोध को ठुकरा दिया है जिसमें उसने ईरान के खिलाफ जंग में ऑस्ट्रियाई हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की इजाजत मांगी थी। यह फैसला ऑस्ट्रिया की 1955 से चली आ रही सैन्य तटस्थता की नीति के तहत लिया गया है। IRNA न्यूज एजेंसी ने 4 अप्रैल 2026 को इस खबर की पुष्टि की है। ऑस्ट्रियाई अधिकारियों ने साफ कहा है कि वे किसी भी ऐसे देश को अपने आसमान का रास्ता नहीं देंगे जो युद्ध में शामिल है।

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क्यों नहीं मिली अमेरिका को ऑस्ट्रिया के आसमान की इजाजत?

ऑस्ट्रिया के कानूनों के अनुसार विदेशी सेनाओं को उनके हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से पहले पूरी जानकारी देनी होती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल Michael Bauer ने बताया कि वाशिंगटन की तरफ से आए कई अनुरोधों को सीधे तौर पर खारिज कर दिया गया है। इसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:

  • ऑस्ट्रिया 1955 से किसी भी सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं है और तटस्थ रहता है।
  • कानून के मुताबिक सक्रिय युद्ध में शामिल किसी भी देश को रास्ता देना मना है।
  • स्थानीय सरकार का मानना है कि यह युद्ध ऑस्ट्रिया के आर्थिक हितों के खिलाफ है।
  • उप-चांसलर Andi Babler ने अमेरिकी युद्ध नीति की खुलेआम आलोचना की है।

इन देशों ने भी अमेरिका की सैन्य मांग को ठुकराया

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस तनाव में केवल ऑस्ट्रिया ही अकेला नहीं है जिसने अमेरिका का साथ देने से मना किया है। यूरोप के कई अन्य महत्वपूर्ण देशों ने भी अपनी जमीन और आसमान का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। इसकी जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:

देश का नाम प्रतिबंध का प्रकार
Spain सैन्य पहुंच पर रोक लगाई
Italy अमेरिकी उड़ानों पर पाबंदी लगाई
Switzerland तटस्थता का हवाला देकर अनुमति नहीं दी
France हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया

ईरान और अमेरिका के बीच यह संघर्ष फरवरी 2026 से जारी है जिसमें दोनों तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। इस स्थिति में ऑस्ट्रिया अपनी तटस्थता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।