ऑस्ट्रिया ने अमेरिका के सैन्य विमानों को अपने आसमान से गुजरने की अनुमति देने से मना कर दिया है। सरकार का कहना है कि वे किसी भी देश को युद्ध के समय अपना रास्ता इस्तेमाल नहीं करने देंगे। यह फैसला मध्य पूर्व में चल रहे तनाव की वजह से लिया गया है। इस फैसले के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है क्योंकि कई अन्य देश भी अब इसी रास्ते पर चल रहे हैं।

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ऑस्ट्रिया ने अमेरिका के अनुरोध को क्यों मना किया?

ऑस्ट्रिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल Michael Bauer ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को यह निर्णय लिया गया। ऑस्ट्रिया 1955 से ही एक तटस्थ देश रहा है और उसकी नीति किसी भी सैन्य गुट का पक्ष लेने की नहीं है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जब भी कोई देश युद्ध में शामिल होता है, तो ऑस्ट्रिया उसे अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देता है। अमेरिका ने मध्य पूर्व के संघर्ष के लिए यह रास्ता मांगा था, जिसे पुरानी नीतियों का हवाला देते हुए तुरंत खारिज कर दिया गया।

इन देशों ने भी अमेरिका के लिए बंद किए अपने दरवाजे

यूरोप के कई अन्य देशों ने भी हाल के दिनों में इसी तरह के कड़े कदम उठाए हैं। इससे अमेरिका की सैन्य गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं:

  • Italy: 31 मार्च 2026 को इटली ने अमेरिकी विमानों को अपने सिसिली एयरबेस पर उतरने से रोक दिया था।
  • France and Spain: इन देशों ने भी अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार किया है।
  • Germany: जर्मनी और ऑस्ट्रिया ने हवाई सुरक्षा के लिए एक समझौता किया है, लेकिन यह केवल गैर-सैन्य खतरों के लिए है।
  • Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति ने इन यूरोपीय देशों के फैसलों की आलोचना की है और इसे नाटो सदस्यों के बीच तालमेल की कमी बताया है।