ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की वजह से दुनिया भर में हवाई ईंधन (Jet Fuel) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर हवाई यात्रा की लागत और एयरलाइंस के खर्चों पर पड़ रहा है। कई बड़ी एयरलाइंस ने ईंधन के बढ़ते दामों के कारण अपने रूट बंद करने और टिकट के दाम बढ़ाने का फैसला किया है।

ईंधन की कीमतों में कितनी बढ़ोत्तरी हुई है?

ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से जेट फ्यूल के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं। 17 अप्रैल 2026 को Argus US Jet Fuel Index के मुताबिक इसकी कीमत 3.79 डॉलर प्रति गैलन रही। वहीं अप्रैल महीने में औसतन कीमत 8.63 डॉलर प्रति गैलन तक पहुँच गई, जो मार्च के मुकाबले 1.77 डॉलर ज़्यादा है।

एयरलाइंस और यात्रियों पर क्या असर पड़ रहा है?

महंगे ईंधन की वजह से एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। Air Canada ने जून से अक्टूबर तक न्यूयॉर्क के JFK एयरपोर्ट की सर्विस बंद करने का ऐलान किया है। Lufthansa ने भी अपनी फीडर एयरलाइन CityLine को समय से पहले बंद करने का फैसला लिया है। कई कंपनियों ने यात्रियों के लिए चेक-इन बैग की फीस बढ़ा दी है और टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज जोड़ दिया है।

क्या कीमतें जल्द कम होंगी?

सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि अमेरिकी परिवहन सचिव ने कीमतों के गिरने की बात कही है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। IATA के डायरेक्टर जनरल विली वॉल्श के अनुसार, अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल भी जाता है, तो सप्लाई सामान्य होने और कीमतों में गिरावट आने में कई महीने का समय लग सकता है।

विवरण डेटा/जानकारी
जेट-ए फ्यूल औसत कीमत (अप्रैल 2026) 8.63 डॉलर प्रति गैलन
Argus इंडेक्स कीमत (17 अप्रैल) 3.79 डॉलर प्रति गैलन
Delta Air Lines अतिरिक्त खर्च (Q2) 2 अरब डॉलर
United Airlines वार्षिक अतिरिक्त खर्च 11 अरब डॉलर
यूरोप में जेट फ्यूल सप्लाई (IEA चेतावनी) मात्र 6 हफ्ते
युद्ध शुरू होने की तारीख 28 फरवरी 2026
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com