बहरीन की सरकार ने देश की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अटॉर्नी जनरल ने 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। इन लोगों पर आरोप है कि ये ईरान की संस्था Revolutionary Guard Corps (IRGC) के साथ मिलकर बहरीन के खिलाफ काम कर रहे थे। जांच के बाद यह पाया गया कि ये लोग देश की गुप्त जानकारी बाहर भेज रहे थे और सेना से जुड़ी सूचनाओं के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। यह आदेश 26 मार्च 2026 को जारी किया गया है।

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आरोपियों पर लगे मुख्य आरोप क्या हैं?

बहरीन की पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने इन 14 लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की सूची नीचे दी गई है:

  • ईरान के IRGC के साथ मिलकर बहरीन के खिलाफ सैन्य और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों की योजना बनाना।
  • देश की रक्षा से जुड़े गुप्त रहस्यों को बाहरी ताकतों के साथ साझा करना।
  • आम जनता में डर फैलाने के लिए झूठी खबरें और अफवाहें फैलाना।
  • शहर के महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें लेना और जानकारी ईरान भेजना।
  • शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के लिए फंड प्राप्त करना और उसे आगे पहुंचाना।
  • एक आरोपी पर ईरान के ट्रेनिंग कैंपों में सैन्य प्रशिक्षण लेने का भी आरोप है।

मामले में अब आगे क्या कार्रवाई होगी?

जांच अधिकारियों ने बताया कि गवाहों के बयानों और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोप सही पाए गए हैं। अब यह मामला High Criminal Court में भेजा गया है जहां इन पर मुकदमा चलेगा। इन 14 लोगों में से कुछ लोग अभी फरार हैं और उनके ईरान में होने की खबर है। इन आरोपियों में एक महिला भी शामिल है।

प्रॉसिक्यूशन ने साफ किया है कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपनी गतिविधियों को स्वीकार किया है। बहरीन में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सुरक्षा के लिहाज से यह एक महत्वपूर्ण खबर है क्योंकि सरकार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी सख्त है। अब इन सभी आरोपियों को ट्रायल शुरू होने तक हिरासत में रखा जाएगा।