बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बहरीन के प्रतिनिधि जमाल अल-रोवैई ने कहा कि ईरान डिप्लोमेसी का इस्तेमाल सिर्फ समय बिताने के लिए कर रहा है, जबकि हकीकत में वह खाड़ी देशों पर हमले जारी रखे हुए है. इस तनाव की वजह से पूरे इलाके में डर का माहौल है.
ड्रोन हमले से पीने के पानी की सप्लाई पर असर
जानकारी के मुताबिक, 9 जुलाई को ईरान ने कुवैत, बहरीन, कतर और जॉर्डन पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए. बहरीन ने खास तौर पर यह आरोप लगाया कि ईरान के एक ड्रोन ने उसके पीने के पानी की सप्लाई करने वाले एक बड़े प्लांट को नुकसान पहुंचाया है. बहरीन के प्रतिनिधि ने कहा कि ईरान मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके सिर्फ विवादों को टालने की कोशिश कर रहा है, उन्हें सुलझाने की नहीं.
अमेरिका ने भी जताई चिंता, ट्रम्प ने तोड़ा युद्धविराम
अमेरिका की राजदूत टैमी ब्रूस ने सुरक्षा परिषद में बहरीन की बातों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि ईरान ने 17 जून 2026 के इस्लामाबाद मेमोरेंडम और सुरक्षा परिषद के नियमों को तोड़ा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया कि ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो गया है, लेकिन उन्होंने बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है.
परमाणु कार्यक्रम और समुद्री रास्तों पर विवाद
परमाणु एजेंसी IAEA ने एक रिपोर्ट में बताया कि अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम की सही निगरानी करना मुश्किल हो गया है. वहीं, जहाजों की सुरक्षा देखने वाली एजेंसी IMO ने सदस्य देशों से कहा है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान के मालिकाना हक के दावों को खारिज करें.
अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध
तनाव बढ़ता देख अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के एक फाइनेंसर और कुछ एक्सचेंज हाउसों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने इस पूरी स्थिति पर चिंता जताई है और दोनों पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है.
