बहरीन में एक बार फिर हवाई हमले के सायरन बजने से हड़कंप मच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन की राजधानी मनामा में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय पर ड्रोन हमले का दावा किया है। इस बड़ी सैन्य हलचल के बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने तुरंत एक्शन लेते हुए स्थानीय लोगों और प्रवासियों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की चेतावनी जारी की है।
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बहरीन में क्यों बजे हवाई हमले के सायरन?
बहरीन के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुष्टि की है कि देश भर में हवाई हमले के सायरन बजाए गए हैं। मंत्रालय ने बहरीन में रहने वाले सभी नागरिकों और विदेशी प्रवासियों से अपील की है कि वे शांत रहें और तुरंत अपने नजदीकी सुरक्षित स्थान या शेल्टर में चले जाएं। यह आपातकालीन चेतावनी 10 जून 2026 को तड़के करीब 2:30 बजे ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले के बाद जारी की गई। ईरान के सैन्य संगठन IRGC ने इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ली है और कहा है कि उनका निशाना मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना का मुख्यालय था।
ईरान और अमेरिका के बीच कैसे बढ़ा तनाव?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 8 जून 2026 को हुई थी जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिका का एक अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया:
- 9 जून 2026: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान की हवाई रक्षा प्रणालियों और नियंत्रण केंद्रों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए हमले किए।
- 10 जून 2026: ईरान के IRGC ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों से दक्षिणी ईरान के जास्क, सिरिक और केश्म में उनके बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इसी के जवाब में उन्होंने बहरीन में अमेरिकी बेस पर ड्रोन से हमला किया।
- आगे की चेतावनी: ईरान ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई बंद नहीं की, तो उसे इससे भी गंभीर और बड़े हमलों का सामना करना पड़ेगा।
क्षेत्र के अन्य देशों पर क्या हुआ असर?
यह तनाव केवल बहरीन और ईरान तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि मध्य पूर्व के अन्य देशों में भी इसका असर देखा जा रहा है। कुवैत की वायु रक्षा प्रणालियों ने भी अपने हवाई क्षेत्र में संदिग्ध लक्ष्यों को मार गिराया है और वहां धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इसके अलावा, ईरान के IRGC ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों, जैसे अल-अज़राक बेस और मुवाफ्फाक साल्टी एयर बेस पर भी मिसाइल हमले करने का दावा किया है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बहरीन में सायरन बजने के बाद वहां की सरकार ने क्या निर्देश दिए हैं?
बहरीन के गृह मंत्रालय ने सभी नागरिकों और प्रवासियों से शांत रहने की अपील की है और उन्हें तुरंत अपने नजदीकी सुरक्षित स्थान या शेल्टर में जाने की सलाह दी है।
ईरान ने बहरीन में अमेरिकी बेस पर हमला क्यों किया?
ईरान के आईआरजीसी के अनुसार, यह ड्रोन हमला अमेरिकी सेना द्वारा दक्षिणी ईरान के जास्क, सिरिक और केश्म में किए गए हमलों का सीधा बदला लेने के लिए किया गया था।
क्या इस तनाव का असर बहरीन के अलावा अन्य देशों पर भी पड़ा है?
हां, कुवैत की वायु रक्षा प्रणालियों ने भी संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को नष्ट किया है और ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइल हमले का दावा किया है।
