Bahrain और Saudi Arabia ने अमेरिका के फैसले का किया स्वागत, सीरिया आतंकवाद लिस्ट से हुआ बाहर.

अमेरिका ने सीरिया को लेकर एक बहुत बड़ा कदम उठाया है और देश को आतंकवाद की लिस्ट से पूरी तरह से हटा दिया है। इस फैसले के बाद खाड़ी देशों में खुशी का माहौल है और सभी ने इसका खुलकर समर्थन किया है। सीरिया के इस नई शुरुआत से पूरे इलाके में व्यापार और आर्थिक सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।
सीरिया को आतंकवाद लिस्ट से हटाने का फैसला
अमेेरिका ने आधिकारिक तौर पर 24 अगस्त 2026 को सीरिया को स्टेट स्पॉन्सर्स ऑफ टेररिज्म की लिस्ट से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही 45 दिन की कांग्रेस की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि हयात तहरीर अल-शाम को भी ग्लोबल टेररलिस्ट की सूची से हटा दिया गया है। अमेरिका के सचिव Marco Rubio ने बताया कि सीरियाई राष्ट्रपति Ahmad al-Sharaa की तरफ से उठाए गए सकारात्मक कदमों के बाद यह फैसला लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सीरिया में नए व्यापार, निवेश और पुनर्निर्माण के अवसरों को खोलना है ताकि देश फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके।
सऊदी अरब और बहरीन का आधिकारिक बयान
इस बड़े फैसले के ठीक अगले दिन यानी 25 अगस्त 2026 को सऊदी अरब और बहरीन ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी। इन देशों के साथ कतर, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और जीसीसी ने भी अमेरिकी फैसले का स्वागत किया है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने सीरिया को बधाई दी और वहां शांति तथा स्थिरता लाने के कामों में पूरा सहयोग देने की बात कही। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के इस कदम की सराहना की और सीरिया की एकता का समर्थन किया। यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर यह कहा कि इससे पूरे इलाके में स्थिरता आएगी और आर्थिक रिकवरी तेज होगी। इस बारे में अधिक जानकारी UAE MOFA की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
सीरियाई नेताओं की प्रतिक्रिया
सीरिया के राष्ट्रपति Ahmad al-Sharaa ने अमेरिकी राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा किया है। इसके अलावा विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani ने उम्मीद जताई कि इस पाबंदी के हटने से सीरिया की ग्लोबल इकोनॉमी में फिर से वापसी आसान हो जाएगी। इस बड़े ऐलान से पहले सीरिया, अमेरिका और इस्रायल के प्रतिनिधि 23 अगस्त को जॉर्डन में मिले थे जहां आपसी तनाव को कम करने पर बातचीत हुई थी। सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस ने भी दमिश्क में सुरक्षा को लेकर अहम बैठकें की हैं।