बहरीन सरकार ने एक बड़ा सुरक्षा खुलासा करते हुए ईरान से जुड़े एजेंटों के एक नेटवर्क को पकड़ने का दावा किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह नेटवर्क बहरीन में शिया न्यायशास्त्र के वास्तविक स्वरूप को बदलने और धर्म के नाम पर ईरानी प्रभाव को बढ़ाने का काम गुपचुप तरीके से कर रहा था। सुरक्षा बलों ने इस नेटवर्क के मंसूबों को नाकाम कर दिया है और इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बहरीन के गृह मंत्री ने क्या आदेश जारी किया है?
बहरीन के गृह मंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि विलायत अल-फकीह एक राजनीतिक प्रोजेक्ट है जिसे धार्मिक आड़ में चलाया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की है कि बहरीन में ईरान के सर्वोच्च नेता के लिए शोक मनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है और ऐसा करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी। इसके अलावा जून की शुरुआत में भी सुरक्षा बलों ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी से जुड़े 15 जमीनी गुर्गों को गिरफ्तार किया था जो युवाओं को भड़काने का काम कर रहे थे।
पहले भी तबाह किया जा चुका है एजेंटों का बड़ा नेटवर्क
सुरक्षा एजेंसियों ने बहरीन में मई के महीने में भी ईरान समर्थित एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। उस दौरान देश के भीतर सक्रिय 41 एजेंटों को पकड़ा गया था और ईरान में बैठे 11 हैंडलर्स की पहचान की गई थी जो इस सेल को निर्देश दे रहे थे। इन लोगों पर आतंकी गतिविधियों को फंड करने और जासूसी करने के आरोप लगे थे। सरकार का कहना है कि इन ऑपरेशन्स का मकसद देश के प्रति वफादारी को खत्म कर बाहरी ताकतों के प्रति वफादारी बढ़ाना था।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग और खाड़ी देशों का क्या रुख है?
इस पूरे मामले पर मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के महासचिव ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाने वाली ईरानी हरकतों की कड़ी निंदा की है। बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ अल जायनी ने भी खाड़ी देशों के युवाओं की तारीफ की है जो इस तरह के बाहरी खतरों के खिलाफ देश के सुरक्षा बलों के साथ मजबूती से खड़े हैं। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने अपने आंतरिक मामलों में ईरानी बयानों और हस्तक्षेप को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बहरीन ने ईरान से जुड़े एजेंटों को लेकर क्या बड़ा दावा किया है?
बहरीन सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि पकड़ा गया एजेंटों का नेटवर्क बहरीन में शिया न्यायशास्त्र के स्वरूप को बदलने और धर्म के नाम पर ईरानी प्रभाव का विस्तार करने के लिए गुप्त रूप से काम कर रहा था।
बहरीन में विलायत अल-फकीह को लेकर क्या नियम बनाए गए हैं?
बहरीन के गृह मंत्री के अनुसार विलायत अल-फकीह एक राजनीतिक एजेंडा है। सरकार ने देश में ईरान के सर्वोच्च नेता के लिए शोक मनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है और इसे दंडनीय अपराध घोषित किया है।
