बहरीन में सुरक्षा अधिकारियों ने एक बड़े आतंकी सेल का भंडाफोड़ किया है और तीन स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने लेबनानी संगठन Hezbollah (हिजबुल्लाह) के साथ मिलकर बहरीन के खिलाफ साजिश रची थी। ये लोग विदेशों में बैठे संदिग्ध तत्वों के साथ लगातार संपर्क में थे और देश की जरूरी जानकारी बाहर भेज रहे थे। मार्च 2026 के दौरान बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के कई संदिग्ध नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही हैं।

पकड़े गए लोगों पर क्या हैं गंभीर आरोप?

जांच में पता चला है कि इन लोगों ने हिजबुल्लाह के लिए बहरीन के भीतर एक सेल तैयार किया था। इनका मुख्य काम ईरान से जुड़ी गतिविधियों की तस्वीरें और जानकारी इकट्ठा करना था। इसके अलावा, इन्होंने सामाजिक कार्यों और चैरिटी के नाम पर लोगों से पैसा वसूला। यह पैसा बाद में लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह को भेजा गया ताकि बहरीन में आतंकी योजनाओं को अंजाम दिया जा सके।

गिरफ्तार किए गए लोगों की जानकारी

बहरीन के गृह मंत्रालय ने गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्तियों की पहचान जारी कर दी है। इन सभी की उम्र 20 से 30 साल के बीच है।

नाम उम्र
Ahmed Ahmed Hussein Madan 24 साल
Hassan Abdel Amir Ashour 22 साल
Montazer Abdel Mohsen Ali Madan 29 साल

प्रवासियों और सुरक्षा पर क्या होगा असर?

बहरीन में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशियों के लिए सुरक्षा के नियम अब पहले से अधिक सख्त किए जा सकते हैं। खाड़ी देशों में बढ़ रहे क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए सरकार किसी भी संदिग्ध फंडिंग या अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है। अधिकारियों ने आम जनता और प्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान संस्था को दान देने से बचें। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी देशों के बीच खुफिया तालमेल बढ़ गया है ताकि इस तरह के किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके।