बहरीन सरकार ने देश की सुरक्षा को खतरा पहुँचाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह संगठन ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और “विलायत-ए-फकीह” की सोच से जुड़ा था। इस मामले में अब तक 41 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो मस्जिदों में धार्मिक उपदेशों का गलत इस्तेमाल कर रहे थे और उन्हें राजनीति से जोड़ रहे थे।

पकड़े गए गिरोह के मुख्य काम क्या थे?

बहरीन के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग सीधे तौर पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के संपर्क में थे। जांच के दौरान कुछ गंभीर बातें सामने आई हैं:

  • ये लोग बहरीन की ज़रूरी और संवेदनशील जगहों की हाई-रिज़ॉल्यूशन फोटो और लोकेशन ले रहे थे और उसे ईरान भेज रहे थे।
  • गिरफ्तार लोग पैसे इकट्ठा कर तेहरान भेजते थे ताकि वहाँ के आतंकी कामों में मदद मिल सके।
  • इन्होंने मस्जिदों में होने वाले धार्मिक खुतबों (उपदेशों) पर अपना कंट्रोल कर लिया था और उन्हें राजनीतिक रंग दे रहे थे।
  • ये लोग विदेशी ताकतों के साथ जासूसी करने और ईरान की बहरीन के खिलाफ हरकतों का समर्थन करने के आरोपी हैं।

सऊदी और UAE ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?

बहरीन की इस बड़ी सुरक्षा कार्रवाई का पड़ोसी देशों ने पूरा समर्थन किया है। इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया इस प्रकार रही:

  • सऊदी अरब: सऊदी विदेश मंत्रालय ने बहरीन के कदमों का पूरा समर्थन किया। सऊदी ने कहा कि बहरीन की सुरक्षा पूरे खाड़ी देशों और सऊदी की सुरक्षा का ही हिस्सा है।
  • UAE: संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने बहरीन के साथ अपनी एकजुटता जताई। उन्होंने साफ कहा कि UAE किसी भी तरह के आतंकवाद और बाहरी एजेंडे से चलने वाले संगठनों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

बहरीन सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। इससे पहले अप्रैल के महीने में भी बहरीन ने ईरान की शत्रुतापूर्ण हरकतों की तारीफ करने वाले 69 लोगों की नागरिकता रद्द की थी। फिलहाल पकड़े गए लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?

बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़े एक संगठन का भंडाफोड़ करते हुए कुल 41 लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार लोगों पर क्या आरोप लगे हैं?

इन लोगों पर जासूसी करने, बहरीन की महत्वपूर्ण जगहों की फोटो और लोकेशन ईरान भेजने, फंड इकट्ठा कर तेहरान भेजने और मस्जिदों में धार्मिक उपदेशों का राजनीतिकरण करने के आरोप हैं।