बहरीन के गृह मंत्रालय ने एक सख्त कदम उठाते हुए 6 प्रवासियों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों पर ईरानी हमले के बाद के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने का आरोप है. गिरफ्तार किए गए लोगों में 5 पाकिस्तानी और एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं. पुलिस ने साफ कहा है कि इस तरह के वीडियो शेयर करना देश की सुरक्षा के खिलाफ है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

किन कारणों से हुई गिरफ्तारी?

बहरीन के साइबर क्राइम डायरेक्टरेट ने इन 6 लोगों को पकड़ा है. इन पर आरोप है कि इन्होने ऐसे वीडियो बनाए और शेयर किए जिनमें प्रतिबंधित सैन्य ठिकानों और आम संपत्तियों को हुए नुकसान को दिखाया गया था. इस मामले में अधिकारियों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

  • ईरानी हमले के वीडियो की रिकॉर्डिंग करना और उसे पब्लिश करना.
  • हमले का समर्थन करना और लोगों के बीच डर फैलाने की कोशिश करना.
  • राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े नियमों का उल्लंघन करना.

प्रवासियों के लिए पुलिस की सख्त चेतावनी

बहरीन प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी महत्वपूर्ण जगह या सैन्य ठिकाने की फोटो या वीडियो बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. गल्फ देशों में काम करने वाले सभी प्रवासियों को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है. अगर कोई भी व्यक्ति ऐसे वीडियो शेयर करता है, तो उसे कानूनी रूप से इस हमले का भागीदार माना जाएगा.

पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने इस मामले में सबसे कड़ी सजा देने की मांग की है. प्रशासन ने आम जनता और प्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें. अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी.

कोर्ट में चल रही है मामले की सुनवाई

इन सभी 6 आरोपियों को हाई क्रिमिनल कोर्ट में पेश किया गया. 10 मार्च 2026 को इनकी पहली सुनवाई हुई जिसके बाद आगे की कार्यवाही के लिए मामले को 11 मार्च तक टाल दिया गया. साइबर अधिकारी अब सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कड़ी नजर रख रहे हैं ताकि ऐसे वीडियो शेयर या लाइक करने वालों की पहचान कर उन पर तुरंत एक्शन लिया जा सके.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.