बहरीन में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया है। इन लोगों पर ईरान की खुफिया एजेंसियों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप लगा है। बहरीन की पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को इन संदिग्धों को गिरफ्तार करने और पूछताछ के लिए हिरासत में रखने का आदेश जारी किया। यह कदम देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और बाहरी दखल को रोकने के लिए उठाया गया है।

जासूसी के पीछे क्या था मकसद और कैसे हुई कार्रवाई?

बहरीन के टेरर क्राइम प्रोसिक्यूशन के प्रमुख ने बताया कि यह गिरफ्तारियां नेशनल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट और लंबी जांच के बाद मुमकिन हो पाई हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए संदिग्धों को बहरीन के संवेदनशील और महत्वपूर्ण ठिकानों की निगरानी करने का काम सौंपा गया था। ये लोग वहां की जानकारी जुटाकर ईरान भेज रहे थे ताकि भविष्य में उन जगहों को निशाना बनाया जा सके। फिलहाल सरकारी वकील इस मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं और पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पकड़े गए संदिग्धों को दिए गए थे ये खास काम

जांच के दौरान पता चला है कि इन लोगों का नेटवर्क काफी फैला हुआ था और उन्हें खास तरह के काम सौंपे गए थे। इन कामों की जानकारी नीचे दी गई है:

  • बहरीन के अहम सरकारी और सैन्य ठिकानों की गुप्त तरीके से निगरानी करना।
  • संवेदनशील जगहों की फोटो और वीडियो बनाकर ईरानी खुफिया एजेंसियों को भेजना।
  • किसी भी संभावित हमले के बाद वहां हुए नुकसान और तबाही की रिपोर्टिंग करना।
  • देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी खुफिया जानकारी को लगातार साझा करना।

बहरीन न्यूज़ एजेंसी (BNA) के मुताबिक, पकड़े गए सभी आरोपियों को फिलहाल प्रीट्रायल डिटेंशन में रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम है क्योंकि बहरीन सरकार सुरक्षा नियमों को लेकर अब और भी सख्त हो गई है।