बहरीन में जल्द ही आशूरा मनाया जाएगा, जिसके लिए सरकार ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े नियम लागू कर दिए हैं। 25 और 26 जून 2026 को आधिकारिक छुट्टियां घोषित की गई हैं और 28 जून को क्षतिपूर्ति अवकाश रहेगा। प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का मकसद धार्मिक रस्मों को शांतिपूर्वक और सुरक्षित तरीके से पूरा कराना है।

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जुलूस और समय के नियम

इस्लामिक एंडोमेंट्स अफेयर्स काउंसिल ने नियमों के मुताबिक मुहर्रम के छठे दिन की शाम से दसवें दिन तक बाहरी जुलूसों की अनुमति दी है। केवल उन्हीं ‘मातम’ (धार्मिक केंद्रों) को जुलूस निकालने का अधिकार होगा जिन्हें सरकारी मंजूरी मिली है। हर जुलूस के साथ उसके केंद्र का नाम होना जरूरी है। आम तौर पर जुलूस आधी रात तक खत्म करने होंगे, लेकिन मनामा में इन्हें रात 2 बजे तक चलाने की छूट दी गई है।

क्या करना मना है

  • राजनीतिक नारे: बहरीन से बाहर के किसी भी राजनीतिक नारे, लेखन या सामग्री का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  • बैनर और काले कपड़े: सार्वजनिक सड़कों पर बैनर या काले कपड़े लगाने की मनाही है। इन्हें सिर्फ मातम केंद्रों के पास लगाया जा सकता है।
  • विशिष्ट प्रतिबंध: आंतरिक मंत्री ने साफ किया है कि अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के लिए शोक मनाना प्रतिबंधित है और ऐसा करने पर सजा मिल सकती है।

अन्य जरूरी दिशा-निर्देश

गेस्टहाउस (मुधिफ) के लिए अनुमति लेना जरूरी है और वहां सीधे खाना पकाने पर रोक लगाई गई है। सभी मेहमाननवाज़ी टेंट मुहर्रम 15 तक हटा दिए जाने चाहिए। आंतरिक मंत्री जनरल शेख राशिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा ने कहा कि धार्मिक रीति-रिवाजों को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

सुरक्षा कारणों से बहरीन सरकार ने अपने नागरिकों के ईरान और इराक जाने पर भी रोक लगा दी है। गवर्नर शेख खलीफा बिन अली अल खलीफा ने कहा कि ये सारी तैयारी इसलिए की गई हैं ताकि शांति और स्थिरता बनी रहे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.