लाल सागर यानी Red Sea में सऊदी अरब के एक जहाज पर हुए हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। Bahrain के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। यह हमला 23 जुलाई 2026 को हुआ था, जिसके बाद क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
हमले की पूरी जानकारी
हुती विद्रोही समूह ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों, Encelia और Layla पर हमले का दावा किया है। सऊदी अरब की आधिकारिक एजेंसी के अनुसार, Encelia नाम के टैंकर के अगले हिस्से में आग लगी थी। राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। यह घटना सऊदी अरब के Al Shuqaiq से लगभग 70 नॉटिकल मील (करीब 130 किमी) दूर हुई थी।
हुती विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल करके इन जहाजों को निशाना बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि वे लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ एक नौसैनिक घेराबंदी कर रहे हैं। इस स्थिति के चलते कई जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है या उन्हें वापस लौटना पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
Bahrain सरकार ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और United Nations Convention on the Law of the Sea (UNCLOS) का खुला उल्लंघन बताया है। Bahrain का कहना है कि ऐसी हरकतें समुद्री व्यापार, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्र में आने-जाने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं। उधर, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ है, जिसने हुतियों को इस तरह की कार्रवाई के लिए उकसाया है।
