बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। 13 जुलाई 2026 को हुई इस आपातकालीन बैठक में बहरीन के राजदूत Jamal Alrowaiei ने इन हमलों को आतंकवाद करार दिया और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का पूर्ण समर्थन किया।
हमलों से क्षेत्रीय शांति को खतरा
बहरीन के राजदूत ने स्पष्ट किया कि हूती विद्रोहियों द्वारा बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी देना अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों 2216, 2722, 2817 और 2813 का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि हूती विद्रोहियों को किसी भी तरह का समर्थन देना यमन और पूरे खाड़ी क्षेत्र में शांति के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। इस बैठक को बहरीन ने United Kingdom, United States और France के साथ मिलकर बुलाया था।
हूती हमलों का बढ़ता दायरा
अमेरिकी उप-राजदूत Tammy Bruce ने बताया कि हूती विद्रोहियों की सैन्य ताकत लगातार बढ़ रही है और उन्हें Iran से मदद मिल रही है। हाल ही में, 13 जुलाई 2026 को हूतियों ने सऊदी अरब के Abha International Airport पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। यह हमला सना एयरपोर्ट पर हुए हवाई हमलों के जवाब में किया गया, जिसके बाद हूतियों ने सऊदी अरब के साथ अपनी शांति प्रक्रिया को खत्म करने का ऐलान कर दिया। संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव Khaled Khiari ने चिंता जताते हुए कहा कि यमन में फिर से बड़े पैमाने पर संघर्ष छिड़ने का खतरा बना हुआ है।
