लेबनान में शनिवार को हुए एक हमले में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन (UNIFIL) के एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद बहरीन के विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध जताया है। बहरीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

लेबनान में असल में हुआ क्या था?

यह हमला 18 अप्रैल 2026 को दक्षिण लेबनान के घंदौरिया गांव में हुआ। फ्रांसीसी सैनिक स्टाफ सार्जेंट फ्लोरियन मोंटोरियो एक गश्त दल का हिस्सा थे, जो विस्फोटक सामग्री को हटाकर रास्ते साफ कर रहे थे। इस हमले में एक सैनिक की जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए, जिनमें से दो की हालत अभी गंभीर बताई जा रही है।

किसने जताया विरोध और क्या हैं दावे?

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रपति मैक्रोन ने कहा कि सबूत हिजबुल्लाह की ओर इशारा कर रहे हैं, हालांकि हिजबुल्लाह ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है। बहरीन के अलावा सऊदी अरब, कतर, यूएई और मिस्र जैसे देशों ने भी इस घटना पर अपनी नाराजगी जताई है।

लेबनान सरकार और UNIFIL का क्या कहना है?

UNIFIL ने इसे एक जानबूझकर किया गया हमला बताया है और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का बड़ा उल्लंघन है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी इस घटना की निंदा की है। लेबनान की सेना इस पूरे मामले की जांच कर रही है और सैन्य ट्रिब्यूनल ने भी अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

संस्था/देश मुख्य बयान
बहरीन अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया
फ्रांस हिजबुल्लाह को जिम्मेदार माना और गिरफ्तारी की मांग की
संयुक्त राष्ट्र हमले को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा
लेबनान सरकार दोषियों को पकड़ने और जांच के आदेश दिए
UNIFIL इसे जानबूझकर किया गया हमला बताया
अन्य अरब देश जांच और दोषियों को सजा देने की अपील की
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com