बहरीन की एक बड़ी अदालत ने जासूसी के मामले में अपना अहम फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए काम करने के जुर्म में पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन दोषियों में बहरीन के तीन नागरिक और दो अफगानी निवासी शामिल हैं, जिन्हें देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का दोषी पाया गया है।

क्या था पूरा मामला और किन लोगों को मिली सजा?

बहरीन की सुप्रीम क्रिमिनल कोर्ट ने 28 अप्रैल 2026 को यह फैसला सुनाया। मामले की जांच के बाद कोर्ट ने पाया कि ये लोग ईरान की IRGC के साथ मिलकर बहरीन के खिलाफ साजिश रच रहे थे। कोर्ट ने 3 बहरीनी नागरिकों और 2 अफगानी निवासियों को उम्रकैद की सजा दी है, जबकि एक अन्य व्यक्ति को इस मामले में बरी कर दिया गया। इसके साथ ही, कोर्ट ने आदेश दिया कि अफगानी नागरिकों को अपनी सजा पूरी करने के बाद देश से बाहर निकाल दिया जाएगा (deportation)।

दोषियों ने बहरीन की सुरक्षा के साथ क्या छेड़छाड़ की?

जांच में पता चला कि दोषियों ने बहरीन के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुँचाने के लिए कई गलत काम किए। इसमें मुख्य बातें ये रहीं:

  • एक अफगानी संदिग्ध को बहरीन के अंदर निगरानी करने और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए रखा गया था।
  • दोषियों ने देश की संवेदनशील और महत्वपूर्ण जगहों की फोटो खींची और जानकारी इकट्ठा कर पैसों के बदले ईरान भेजी।
  • कुछ आरोपियों ने ईरान के IRGC कैंपों में विशेष ट्रेनिंग ली थी, जिसमें तस्करी और आतंकी कामों के लिए लोगों को भर्ती करना सिखाया गया था।
  • इन लोगों पर राज्य के गुप्त दस्तावेज़ लीक करने और जनता में डर फैलाने के लिए झूठी खबरें और अफवाहें फैलाने का भी आरोप था।

सरकारी जांच और सख्त नियमों का असर

इस पूरे मामले में बहरीन की पब्लिक प्रोसिक्यूशन, टेरर क्राइम्स प्रोसिक्यूशन और नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने मिलकर जांच की। बहरीन के Interior Ministry और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विभाग ने सबूत जुटाने में मदद की। इसी बीच, किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा ने 19 अप्रैल 2026 को यह निर्देश दिया था कि जो भी व्यक्ति देश की सुरक्षा के साथ समझौता करेगा, उसकी नागरिकता की समीक्षा की जाएगी और उसे नागरिकता से वंचित भी किया जा सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन कोर्ट ने जासूसों को क्या सजा सुनाई है?

बहरीन की सुप्रीम क्रिमिनल कोर्ट ने ईरान की IRGC के लिए जासूसी करने वाले 3 बहरीन नागरिकों और 2 अफगानी निवासियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

दोषियों ने किस तरह की जासूसी की थी?

दोषियों ने बहरीन की संवेदनशील जगहों की निगरानी की, फोटो खींचे और ईरान के कैंपों में ट्रेनिंग ली ताकि वे देश के खिलाफ साजिश रच सकें और खुफिया जानकारी भेज सकें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.