बहरीन की अदालत ने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ बहुत सख्त फैसला सुनाया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की मदद करने के आरोप में तीन लोगों को उम्रकैद की सजा दी गई है। इसमें एक महिला भी शामिल है जिसने सोशल मीडिया के जरिए देश की संवेदनशील जानकारियां साझा की थीं।

किसे मिली उम्रकैद और क्या था मामला?

12 मई 2026 को बहरीन की हाई क्रिमिनल कोर्ट ने तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। बोदोर अब्दुलहमीद अली नाम की महिला पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर बहरीन के महत्वपूर्ण ठिकानों की तस्वीरें और लोकेशन ईरान भेजी थीं। इसके अलावा, दो अन्य पुरुषों को भी उम्रकैद मिली है। इन पर ईरान के लिए भर्ती करने, फंड जुटाने और जासूसी करने का आरोप लगा है। कोर्ट ने इन दोनों पर 10,000 बहरीन दीनार (लगभग 26,500 डॉलर) का जुर्माना भी लगाया है।

जासूसी नेटवर्क और अन्य गिरफ्तारियां

बहरीन के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि उन्होंने एक ऐसे ग्रुप को पकड़ा है जिसके सदस्य सीधे तौर पर IRGC के संपर्क में थे। इस ग्रुप के 41 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जो आतंकी गतिविधियों के लिए ईरान पैसे भेज रहे थे। इससे पहले 28 अप्रैल 2026 को भी पांच लोगों को उम्रकैद सुनाई गई थी, जिनमें दो अफगानी नागरिक भी शामिल थे। इन विदेशियों को सजा पूरी होने के बाद बहरीन से हमेशा के लिए निकाल दिया जाएगा। साथ ही, अप्रैल के अंत में बहरीन सरकार ने 69 लोगों की नागरिकता भी रद्द कर दी थी क्योंकि वे ईरानी हमलों का समर्थन कर रहे थे।

बहरीन का कानून और ईरान के साथ विवाद

बहरीन में 2006 का आतंकवाद विरोधी कानून (Act No. 58) लागू है। इस कानून के तहत किसी भी विदेशी आतंकी संगठन की मदद करना अपराध है। बहरीन सरकार ने अक्टूबर 2018 में ईरान के IRGC को एक आतंकी संगठन घोषित किया था। बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन राशिद अल ज़यानी ने साफ कहा कि ईरान बहरीन के अंदरूनी मामलों में दखल दे रहा है, जो कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

IRGC क्या है और बहरीन में इसका क्या स्टेटस है?

IRGC ईरान की एक सैन्य शाखा है जिसे बहरीन ने अक्टूबर 2018 में एक आतंकी संगठन घोषित किया था। इसकी मदद करना बहरीन के कानून के तहत गंभीर अपराध है।

जासूसी के मामले में दोषियों को क्या सजा मिली है?

मुख्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कुछ आरोपियों पर 10,000 बहरीन दीनार का जुर्माना लगाया गया है और विदेशी नागरिकों को सजा के बाद डिपोर्ट किया जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.