बहरीन की सरकारी अभियोजन शाखा ने देश की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार, 26 मार्च 2026 को एडवोकेट जनरल और आतंकवादी अपराध अभियोजन के प्रमुख ने घोषणा की कि 14 आरोपियों को क्रिमिनल कोर्ट में भेज दिया गया है। इन लोगों पर आरोप है कि वे ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ मिलकर बहरीन के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों की योजना बना रहे थे। यह आदेश चार अलग-अलग मामलों की जांच के बाद जारी किया गया है।

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आरोपियों पर किन गतिविधियों में शामिल होने का है इल्जाम?

बहरीन न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, इन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं कि वे सीधे तौर पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के संपर्क में थे। इन पर बहरीन के भीतर सैन्य और शत्रुतापूर्ण हमले करने की साजिश रचने का आरोप है। इसके अलावा, इन लोगों ने ऐसी गतिविधियों के लिए पैसा लेने और उसे आगे पहुंचाने का काम भी किया है। सरकारी वकील ने बताया कि यह समूह अलग-अलग सेल बनाकर काम कर रहा था ताकि देश की शांति को भंग किया जा सके।

मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां और विवरण

इस पूरे मामले में शामिल आरोपियों और उन पर लगे आरोपों का विवरण नीचे दिया गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह समझना जरूरी है कि वहां की सरकारें सुरक्षा के मुद्दों पर बेहद सख्त रुख अपनाती हैं।

विवरण मुख्य जानकारी
कुल आरोपी 14 व्यक्ति
संबंधित देश ईरान (IRGC)
मामलों की संख्या 4 अलग-अलग केस
मुख्य आरोप जासूसी और सैन्य साजिश
घोषणा की तारीख 26 मार्च 2026

जांच में यह भी सामने आया है कि इन 14 लोगों में कुछ भगोड़े भी शामिल हैं जो वर्तमान में ईरान में छिपे हुए हैं। चौथे मामले में एक महिला आरोपी का नाम भी सामने आया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बहरीन की संप्रभुता और सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा। कोर्ट अब इन सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई शुरू करेगा।