Bahrain की High Criminal Court ने एक बड़े मामले में सख्त फैसला सुनाया है। यहाँ ईरान के साथ मिलकर आतंकी साजिश रचने के आरोप में 5 लोगों को उम्रकैद की सजा दी गई है। इन दोषियों में 3 बहरीन के नागरिक और 2 अफगानिस्तान के रहने वाले लोग शामिल हैं।

इन लोगों पर क्या आरोप लगे थे?

अदालत में पेश किए गए सबूतों के अनुसार, इन लोगों ने ईरान के साथ मिलकर बहरीन में आतंकी और शत्रुतापूर्ण कार्यों की योजना बनाई थी। इन पर आरोप है कि इन्होंने ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) के साथ मिलकर बहरीन के जरूरी सरकारी ठिकानों की निगरानी की और उनकी तस्वीरें ली थीं। Public Prosecution ने यह साफ किया है कि किसी भी विदेशी दुश्मन देश के साथ संपर्क रखना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर अपराध है।

बहरीन सरकार ने और क्या कार्रवाई की है?

सजा के अलावा बहरीन सरकार ने पिछले कुछ दिनों में कई कड़े कदम उठाए हैं। 27 अप्रैल 2026 को सरकार ने 69 लोगों की नागरिकता रद्द कर दी क्योंकि उन्होंने ईरान की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों का समर्थन किया था। इसके अलावा, 25 अन्य लोगों को 10 साल तक की जेल हुई है, जिन्होंने ईरान के हमलों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं और उनका समर्थन किया था।

मानवाधिकार संगठनों की क्या प्रतिक्रिया है?

इस पूरी कार्रवाई पर कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चिंता जताई है। Human Rights Watch ने क्षेत्र में हो रही गिरफ्तारियों पर चिंता व्यक्त की है। वहीं, Britain स्थित Bahrain Institute for Rights and Democracy (BIRD) ने नागरिकता छीनने के फैसले की निंदा की है और इसे दमन की शुरुआत बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन की अदालत ने कितने लोगों को सजा दी?

अदालत ने 3 बहरीन नागरिकों और 2 अफगानी नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि एक चौथे बहरीन व्यक्ति को बरी कर दिया गया।

नागरिकता क्यों छीनी गई?

बहरीन सरकार ने 69 लोगों की नागरिकता इसलिए छीनी क्योंकि उन पर ईरान की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों का समर्थन करने का आरोप था।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.