बहरीन की अदालत ने देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और हिजबुल्लाह के लिए जासूसी करने और उनके साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने हाल के दिनों में ऐसे कई लोगों को पकड़ा है जो बहरीन की संवेदनशील जानकारी पड़ोसी देश को भेज रहे थे।

बहरीन की कोर्ट ने क्यों सुनाई आरोपियों को उम्रकैद?

बहरीन के आतंकवाद अपराध अभियोजन (Terrorism Crimes Prosecution) और हाई क्रिमिनल कोर्ट ने पाया कि आरोपी बहरीन की संवेदनशील जानकारी और सैन्य हमलों से जुड़े वीडियो और फोटो ईरान की खुफिया एजेंसियों और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को भेज रहे थे। सुरक्षा बलों की जांच के अनुसार, इन लोगों को सोशल मीडिया और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से संवेदनशील स्थानों की जानकारी साझा करने का काम सौंपा गया था। इसके बदले इन्हें फंड भी दिया जा रहा था जिसे कोर्ट ने जब्त करने का आदेश दिया है। इस मामले में बहरीन के नागरिकों के साथ-साथ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

मई 2026 में सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां

बहरीन के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने हाल ही में ईरान समर्थक नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। मई 2026 में सुरक्षा बलों ने ईरान के इशारे पर काम करने वाले 41 लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले अप्रैल और मई के महीनों में भी कई अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों को बेहद गंभीर माना जाएगा और इसमें शामिल लोगों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या होगा असर?

बहरीन में काम करने वाले विदेशी नागरिकों और प्रवासियों के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष हिदायत दी है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या सोशल मीडिया पर देश विरोधी प्रचार का हिस्सा बनने पर सख्त सजा का प्रावधान है। हाल की सजाओं में विदेशी नागरिकों का नाम भी शामिल है, जिससे यह साफ होता है कि कानून सबके लिए बराबर है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को किसी भी अजनबी सोशल मीडिया अकाउंट के बहकावे में आने से बचना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन कोर्ट ने आरोपियों को क्या सजा सुनाई है?

बहरीन की हाई क्रिमिनल कोर्ट ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और हिजबुल्लाह के साथ मिलकर जासूसी करने के आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

इस मामले में कौन-कौन से सुरक्षा विभाग शामिल हैं?

इस कार्रवाई में बहरीन का गृह मंत्रालय, आतंकवाद अपराध अभियोजन विभाग और आपराधिक जांच महानिदेशालय (General Directorate of Criminal Investigation) शामिल हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.