बहरीन की अदालतों ने ईरान के इशारे पर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। कई लोगों को उम्रकैद और कई को 10 साल तक की जेल की सजा सुनाई गई है। सरकार ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
बहरीन कोर्ट ने दोषियों को क्या सजा सुनाई?
बहरीन की अलग-अलग अदालतों ने कई मामलों में सख्त फैसले सुनाए हैं:
- 12 मई 2026 को हाई क्रिमिनल कोर्ट ने दो लोगों को उम्रकैद की सजा दी। उन पर IRGC के लिए जासूसी करने का आरोप था।
- 28 अप्रैल 2026 को 5 लोगों को उम्रकैद और 25 लोगों को 10 साल तक की जेल हुई। इनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सैयद बाकिर अल-कामेल भी शामिल हैं जिन्हें 10 साल की सजा मिली। इन लोगों पर ईरानी आतंकवादी हमलों का समर्थन करने और प्रतिबंधित जगहों की वीडियो बनाने का आरोप था।
- 8 मई 2026 को 14 लोगों को हिंसा और तोड़फोड़ के आरोप में 3 साल तक की सजा और जुर्माना लगाया गया।
ईरान और IRGC का क्या रोल था और सरकार का क्या कहना है?
जांच में यह बात सामने आई कि ईरान की इंटेलिजेंस और IRGC बहरीन में आतंकवादी समूहों को पैसा दे रहे थे। इनका मकसद महत्वपूर्ण ठिकानों की निगरानी करना था ताकि वहां हमले किए जा सकें।
किंग हमद ने ईरान पर बहरीन की सुरक्षा में दखल देने और गंभीर हमला करने का आरोप लगाया। GCC महासचिव जासेम अल बुदैवी ने बहरीन के इन सुरक्षा कदमों का समर्थन किया और कहा कि बहरीन की सुरक्षा पूरे GCC देशों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
बहरीन के पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने बताया कि विदेशी ताकतों से संपर्क करना देश के खिलाफ बड़ा अपराध है। हालांकि उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी है, लेकिन यह राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान नहीं पहुँचा सकती। दूसरी ओर, BIRD संस्था ने इन फैसलों की आलोचना की और कहा कि इसमें कानूनी प्रक्रियाओं का सही पालन नहीं हुआ।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बहरीन में आतंकवाद विरोधी कानून क्या है?
बहरीन में मुख्य रूप से 2006 का एंटी-टेररिज्म कानून लागू है। इसके तहत आतंकवाद का समर्थन करने या उसकी तारीफ करने पर उम्रकैद या भारी जुर्माने जैसी सख्त सजा दी जा सकती है।
मानवाधिकार संस्थाओं का इस मामले पर क्या कहना है?
BIRD संस्था ने कहा कि इन फैसलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन नहीं किया गया और आरोपियों के वकीलों को सबूतों तक पहुँचने नहीं दिया गया।
