बहरीन की अदालत ने देश की सुरक्षा और शांति के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। पिछले मार्च महीने में जब ईरान की तरफ से बहरीन पर हमले हुए थे, तब कुछ लोगों ने देश के अंदर हिंसा और तोड़फोड़ की कोशिश की थी। इस मामले में सबूत मिलने के बाद अब तीन नाबालिगों को तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई है।

🗞️: ईरान और पाकिस्तान की बड़ी बात, West Asia में शांति लाने के लिए बना प्लान, अमेरिका के साथ बीच-बचाव करेगा पाकिस्तान

बहरीन पर ईरान के हमलों का पूरा मामला क्या था

यह पूरा विवाद फरवरी 2026 में शुरू हुआ जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन की सीमा के बाहर से हमले शुरू किए। बहरीन डिफेंस फोर्स ने मुस्तैदी दिखाते हुए मार्च के पहले हफ्ते में ही बड़ी कामयाबी हासिल की थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बहरीन ने ईरान की तरफ से दागी गई 86 बैलिस्टिक मिसाइलों और 148 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया था। इस तनाव के दौरान अमेरिका के दूतावास ने भी बहरीन में रहने वाले अपने नागरिकों को चेतावनी जारी की थी।

देशद्रोह और जासूसी के मामले में कितनी सजा हुई

बहरीन की अदालत सिर्फ नाबालिगों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि बड़े अपराधियों पर भी गाज गिराई है। 28 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने 24 लोगों को 5 से 10 साल की जेल सुनाई, जिन्होंने सोशल मीडिया पर ईरान के आतंकी हमलों का समर्थन किया था और गलत अफवाहें फैलाई थीं। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के लिए जासूसी करने वाले 3 बहरीन नागरिकों और 2 अफगानी निवासियों को उम्रकैद की सजा मिली है। इसके अलावा, सरकार ने उन 69 लोगों की नागरिकता भी छीन ली है जिन्होंने विदेशी ताकतों के साथ सहानुभूति दिखाई थी।

सरकारी एजेंसियों ने सुरक्षा पर क्या कहा

बहरीन के पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने चेतावनी दी है कि आतंकवाद का समर्थन करना, प्रतिबंधित जगहों की फोटो लेना या देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करना राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अपराध है। وزارة الداخلية (Ministry of Interior) ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने हिजबुल्ला से जुड़े एक सेल को पकड़ा था जो देश की संप्रभुता को नुकसान पहुँचाने की साजिश रच रहा था। सरकार ने साफ कर दिया है कि अभिव्यक्ति की आजादी कानून के दायरे में है, लेकिन देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन ने ईरान के हमलों को कैसे रोका

बहरीन डिफेंस फोर्स ने ईरान की ओर से भेजे गए 86 बैलिस्टिक मिसाइलों और 148 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर उन्हें तबाह कर दिया था।

ईरान का समर्थन करने वालों पर क्या कानूनी कार्रवाई हुई

24 लोगों को 5 से 10 साल की जेल हुई, 5 लोगों को उम्रकैद मिली और 69 लोगों की नागरिकता रद्द कर दी गई।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.